
कल्याण केसरी न्यूज़, अमृतसर, 11 सितंबर 2026: पंजाब सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के तहत एडीए के मुख्य प्रशासक नितेश कुमार जैन, आई.ए.एस. और अतिरिक्त मुख्य प्रशासक इनायत, पी.सी.एस. द्वारा जारी आदेशों की पालना करते हुए जिला टाउन प्लानर (रेगुलेटरी) विंग द्वारा रामतीर्थ रोड पर स्थित गांव वडाला भिट्टेवड में एकम गार्डन के सामने विकसित की जा रही अनधिकृत कॉलोनी, गांव धौलकलां में शिवा पैराडाइज के नाम से विकसित की जा रही अनधिकृत कॉलोनी तथा गांव काला घनुपुर में न्यू अर्बन एस्टेट (एक्सटेंशन) नामक विकसित की जा रही अनधिकृत कॉलोनियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए कॉलोनियों को ध्वस्त किया गया।
जिला टाउन प्लानर ने जानकारी देते हुए बताया कि भविष्य के विकास को नियंत्रित करने के लिए सरकार के निर्देशों के अनुसार गांव वडाला भिट्टेवड, गांव धौलकलां और गांव काला घनुपुर में विकसित की जा रही नई अनधिकृत कॉलोनियों को सहायक नगर योजनाकार (रेगुलेटरी) की मौजूदगी में पापरा एक्ट-1995 के तहत नोटिस जारी करते हुए काम बंद करवाया गया था। इसके बावजूद इन कॉलोनियों के खिलाफ दिनांक 11/09/2026 को डिमोलिशन की कार्रवाई की गई।
उन्होंने बताया कि इन अनधिकृत कॉलोनियों के मालिकों ने सरकारी नियमों की धज्जियां उड़ाईं और नोटिस जारी होने के बावजूद उक्त अनधिकृत कॉलोनियों के संबंध में कोई स्पष्टीकरण देने के बजाय मौके पर विकास कार्य जारी रखे। इसके तहत उच्च अधिकारियों के आदेशों के अनुसार उक्त कार्रवाई अमल में लाई गई।
इसके अलावा रामतीर्थ रोड पर स्थित गांव धौलकलां में विकसित शिवा पैराडाइज के खिलाफ पहले भी दिनांक 05/03/2026 को तथा गांव वडाला भिट्टेवड में एकम गार्डन के सामने विकसित अनधिकृत कॉलोनी के खिलाफ दिनांक 14/05/2026 को डिमोलिशन की कार्रवाई की गई थी। लेकिन उक्त कॉलोनियों के मालिकों द्वारा अब मौके पर दोबारा विकास कार्य शुरू कर दिए गए थे, जिसके चलते अब किए गए नए विकास कार्यों को फिर से ध्वस्त किया गया।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अनधिकृत कॉलोनी विकसित करने वाले व्यक्ति के खिलाफ पापरा एक्ट-1995 में संशोधन 2024 के अनुसार 5 से 10 वर्ष तक की सजा तथा 25 लाख रुपये से 5 करोड़ रुपये तक का जुर्माना किया जा सकता है। इसके चलते उक्त कॉलोनियों के अंतर्गत आने वाली भूमि के मालिकों और कॉलोनी विकसित करने वालों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई करने के लिए पुलिस विभाग को राजस्व रिकॉर्ड के आधार पर भी लिखा जा रहा है।
एडीए के रेगुलेटरी विंग ने आम जनता से अपील करते हुए कहा कि वे ऐसी गैर-कानूनी कॉलोनियों, जो पुडा विभाग द्वारा स्वीकृत नहीं हैं, उनमें स्थित प्लॉटों की बिक्री संबंधी किसी भी विज्ञापन के आधार पर प्लॉट खरीदने से पहले संबंधित कॉलोनी के संबंध में पुडा द्वारा जारी मंजूरी अवश्य मांगें। साथ ही, अमृतसर विकास प्राधिकरण की वेबसाइट पर उपलब्ध अनधिकृत कॉलोनियों से संबंधित विवरण को भी अवश्य जांच लें, ताकि उनकी धन-संपत्ति का नुकसान न हो और उन्हें किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
इसके अलावा उन्होंने अपील की कि जिले में किसी भी स्थान पर किसी भी प्रकार का निर्माण करने से पहले पुडा विभाग से आवश्यक स्वीकृतियां प्राप्त करने के बाद ही निर्माण कार्य किया जाए।

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