
कल्याण केसरी न्यूज़, अमृतसर, 28 सितंबर 2026: पंजाब सरकार के निर्देशों के अनुसार सीएफडीए मैडम कमलप्रीत कौर बराड़, डिप्टी कमिश्नर दलविंदरजीत सिंह आईएएस और सिविल सर्जन अमृतसर डॉ. सतिंदरजीत सिंह बजाज के दिशा-निर्देशों के तहत जिला अमृतसर में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने और मिलावटखोरी पर रोक लगाने के लिए जिला स्वास्थ्य विभाग द्वारा लगातार प्रवर्तन अभियान चलाया जा रहा है।
जिला स्वास्थ्य अधिकारी-कम-डेजिग्नेटेड फूड सेफ्टी ऑफिसर डॉ. मनजीत सिंह रटौल ने जानकारी देते हुए बताया कि 28 सितंबर 2026 तक की प्रगति रिपोर्ट के अनुसार, स्वास्थ्य विभाग द्वारा 312 दूध के सैंपल, 291 दूध की जांच और 52 दही के सैंपल लिए गए हैं। इसके अलावा मिलावटखोरी और फूड सेफ्टी नियमों के उल्लंघन से संबंधित मामलों में कानूनी कार्रवाई भी की गई है।
रिपोर्ट के अनुसार सीजेएम कोर्ट द्वारा 4 मामलों में ₹40,000 और एडीसी कोर्ट द्वारा 36 मामलों में ₹1,79,500 के जुर्माने लगाए गए हैं। इसके साथ ही सीजेएम कोर्ट में 1 और एडीसी कोर्ट में 47 मामले दायर किए गए हैं। विभिन्न मामलों में अन्य कानूनी कार्रवाई भी प्रक्रिया में है।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा 720 किलोग्राम गुम्हे की पिन्नी और 70 किलोग्राम गुम्हे का पनीर सहित अन्य खाद्य पदार्थों के संबंध में भी कार्रवाई की गई है। इसके अलावा 6 जब्त की गई वस्तुओं और 40 लैब रिपोर्टों को दर्ज किया गया है।
डेजिग्नेटेड ऑफिसर-कम-जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनजीत सिंह रटौल ने कहा कि जिले में फूड सेफ्टी मानकों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि दूध और दूध से बने उत्पादों सहित विभिन्न खाद्य पदार्थों की जांच आगे भी जारी रहेगी और नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट के तहत नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने उपभोक्ताओं से अपील की कि वे केवल मानक और विश्वसनीय स्रोतों से ही खाद्य पदार्थ खरीदें तथा मिलावटखोरी या घटिया गुणवत्ता के संबंध में किसी भी प्रकार का संदेह होने पर स्वास्थ्य विभाग को सूचित करें।

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