बोले- लंबे समय से मिल रही थीं धमकियां, सोशल मीडिया पर भी किया था जिक्र; सरकार-पुलिस ने गंभीरता से नहीं लिया, समय रहते कार्रवाई होती तो बच सकती थी जान
कल्याण केसरी न्यूज़, अमृतसर, 3 अक्टूबर 2026: अमृतसर में इंफ्लूएंसर और मेकअप आर्टिस्ट मैड संधू की गोली मारकर हत्या के बाद शहर में कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। घटना पर सांसद गुरजीत सिंह औजला ने पंजाब सरकार और पुलिस प्रशासन पर निशाना साधते हुए कहा कि यह सिर्फ मैड संधू का कत्ल नहीं है, बल्कि लॉ एंड ऑर्डर का कत्ल है।
सांसद गुरजीत औजला ने कहा कि मैड संधू को काफी समय से धमकियां मिल रही थीं। इन धमकियों का जिक्र उसने सरेआम सोशल मीडिया पर भी किया था। इसके बावजूद सरकार और पुलिस ने मामले को उस गंभीरता से नहीं लिया, जिसकी जरूरत थी। औजला ने कहा कि अगर धमकियों को समय रहते गंभीरता से लिया जाता और सुरक्षा के जरूरी कदम उठाए जाते तो शायद आज एक बेगुनाह की जान नहीं जाती।
औजला ने कहा कि किसी व्यक्ति को लगातार धमकियां मिलना अपने आप में गंभीर मामला है। खासकर तब, जब संबंधित व्यक्ति सार्वजनिक तौर पर अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता जाहिर कर रहा हो। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में पुलिस की जिम्मेदारी बनती है कि शिकायत और धमकियों को गंभीरता लें और जरूरी सुरक्षा उपलब्ध करवाएं।
उन्होंने कहा कि मैड संधू की हत्या ने अमृतसर समेत पूरे पंजाब में आम लोगों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
सांसद औजला ने कहा कि मैड संधू की हत्या बेहद दुखद और गंभीर घटना है। उन्होंने कहा कि किसी भी नागरिक को यह महसूस नहीं होना चाहिए कि धमकियां मिलने के बावजूद उसकी सुरक्षा को लेकर प्रशासन गंभीर नहीं है।
सांसद औजला ने आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करने और मामले की पूरी जांच करने की मांग की। उन्होंने कहा कि घटना के पीछे कौन लोग हैं, मैड संधू को धमकियां क्यों मिल रही थीं और पहले दी गई धमकियों पर क्या कार्रवाई हुई थी, इन सभी पहलुओं की जांच होनी चाहिए।
औजला ने कहा कि पंजाब में कानून-व्यवस्था बनाए रखना सरकार और पुलिस की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि अमृतसर जैसे शहर में इस तरह की वारदात होना गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने सरकार से मांग की कि मामले में सिर्फ आरोपियों की गिरफ्तारी तक सीमित न रहा जाए, बल्कि यह भी जांच हो कि मैड संधू को पहले मिल रही धमकियों के संबंध में पुलिस के स्तर पर क्या कार्रवाई की गई थी।
औजला ने कहा कि पीड़ित परिवार को न्याय मिलना चाहिए और ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए पुलिस प्रशासन को ठोस कदम उठाने चाहिए।

Kalyan Kesari हिन्दी समाचार पत्र
