नशे को जड़ से खत्म करने के लिए पंजाब पुलिस में 10 हजार नए पद भरे जाएंगे: भगवंत सिंह मान

कल्याण केसरी न्यूज़, चंडीगढ़, 3 अक्टूबर 2026: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज नशे की बुराई को जड़ से उखाड़ने के लिए पंजाब पुलिस में 10,000 नए पद भरने की घोषणा करते हुए कहा कि पंजाब ‘युद्ध नशे के विरुद्ध’ के अंतिम और निर्णायक चरण पर जंग लड़ रहा है।
अपनी तरह की पहली ‘एस.एच.ओज. मिलनी’ के दौरान शानदार कारगुजारी वाले पुलिस अधिकारियों को सम्मानित करने के लिए करवाए गए समारोह में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पुलिस को नशे के खिलाफ हर जायज कार्रवाई करने की खुली छूट दी गई है। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को गांवों और कस्बों में जाने, लोगों को साथ लेने और इस बुराई पर रोक लगाने के आदेश दिए। उन्होंने कहा कि ‘युद्ध नशे के विरुद्ध’ अब पूरे पंजाब में जन लहर बन चुका है, जबकि पुलिस फोर्स को जल्द ही 450 ए.एस.आई. और 3,400 पुलिस जवान मिलेंगे।
इस समारोह की कुछ झलकियां साझा करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने एक्स पर लिखा: “आज महाराजा रणजीत सिंह अकादमी, फिल्लौर में डी.जी.पी. से लेकर एस.एच.ओ. तक के पंजाब पुलिस अधिकारियों के साथ अहम मीटिंग की। ‘युद्ध नशे के विरुद्ध’ अभियान के तहत हमने पुलिस को नशा तस्करों के खिलाफ कानून के दायरे में सख्त कार्रवाई करने की पूरी खुली छूट दी हुई है। फोर्स को अत्याधुनिक सुविधाएं देने के साथ-साथ हम बिना किसी सिफारिश या पक्षपात के 10,000 नई भर्तियां भी करने जा रहे हैं। आओ संकल्प लें कि जब तक नशे की बुराई को जड़ से नहीं उखाड़ दिया जाता, हम न रुकेंगे और न ही झुकेंगे। हम किसी भी मां या बहन की आंख में आंसू नहीं आने देंगे और नशा मुक्त ‘रंगला पंजाब’ बनाएंगे। इंकलाब जिंदाबाद।”


पुलिस जवानों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “यह एक ऐतिहासिक पहल है जिसके माध्यम से मैं, डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (डी.जी.पी.) के साथ मिलकर आपके कामकाज के हालातों को समझने, आपकी समस्याएं सुनने और आपकी भलाई के लिए कदम उठाने के लिए एस.एच.ओज के साथ सीधा संपर्क कायम कर रहा हूं।”
अपनी ड्यूटी पूरी लगन और ईमानदारी से निभाने वाले पुलिस कर्मचारियों को बधाई देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “एस.एच.ओज पर बहुत बड़ी जिम्मेदारी होती है क्योंकि जमीनी स्तर पर आप ही पुलिस का चेहरा हैं। लोग अपनी फरियादें लेकर आपके पास आते हैं और इंसाफ, सुरक्षा तथा तुरंत कार्रवाई की उम्मीद रखते हैं।”
उन्होंने कहा, “हमारी सरकार पुलिस जवानों के दबाव और चुनौतियों को समझती है और आपकी वाजिब चिंताओं के प्रति हमदर्दी भरा रवैया अपना रही है। लेकिन सहयोग के साथ-साथ, पंजाब के लोग हर पुलिस अधिकारी से पेशेवर दृष्टिकोण, ईमानदारी और जवाबदेही की उम्मीद भी रखते हैं।”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई में जन सहयोग बहुत जरूरी है। उन्होंने आगे कहा, “लोग पुलिस को जानकारी दे रहे हैं और सहयोग कर रहे हैं। लेकिन एक बार जब जानकारी आपके तक पहुंच जाती है तो तुरंत और असरदार कार्रवाई करना आपकी जिम्मेदारी है।”
मुख्यमंत्री ने एस.एच.ओज को प्रेरित करते हुए कहा, “हर शिकायत और कार्रवाई को पूरी जानकारी के साथ गंभीरता, पेशेवरियत और बिना किसी डर या पक्षपात से निपटाया जाना चाहिए। पंजाब के लोगों को नशों और अपराध से बचाने के मामले में कोई समझौता नहीं होना चाहिए।”
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पंजाब पुलिस की कार्यप्रणाली की क्षमता को मजबूत कर रही है। उन्होंने बताया, “हम पुलिस फोर्स को मजबूत करने के लिए सी.सी.टी.वी., एंटी-ड्रोन सिस्टम, आधुनिक वाहन और अन्य उच्च दर्जे का बुनियादी ढांचा तथा तकनीक उपलब्ध करा रहे हैं। आधुनिक पुलिसिंग बहुत जरूरी है क्योंकि नशा तस्करी और संगठित अपराध में शामिल नेटवर्क दिन-ब-दिन ज्यादा स्मार्ट और आधुनिक होते जा रहे हैं।”
तकनीक-आधारित पुलिसिंग के बारे में बात करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने जिक्र किया, “पंजाब तकनीक-आधारित पुलिसिंग की ओर बढ़ रहा है, जिसमें ए.आई. आधारित निगरानी प्रणाली का उपयोग भी शामिल है। मुख्यमंत्री बनने से पहले जब मैं एम.पी. के रूप में सेवा निभा रहा था, मैंने धूरी, सुनाम, मालेरकोटला, भदौड़, महल कलां, बरनाला और लहरागागा के प्रमुख स्थानों पर सी.सी.टी.वी. लगाने की पहल की थी ताकि स्थिति पर बारीकी से नजर रखी जा सके।”


मुख्यमंत्री ने आगे कहा, “मेरे द्वारा मुख्यमंत्री के रूप में पंजाब की सेवा करने की जिम्मेदारी संभालने के बाद भी ये तकनीक-आधारित पहलें जारी रहीं। पुलिसिंग को और अधिक प्रभावशाली बनाने के लिए तकनीक अब हमारी रणनीति का एक अहम हिस्सा है।”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि उनकी सरकार ने पुलिस फोर्स के आधुनिकीकरण के लिए व्यापक कदम उठाए हैं। उन्होंने बताया, “सड़क सुरक्षा फोर्स विशेष और तकनीक से लैस पुलिसिंग का बड़ा उदाहरण है। यह सड़क सुरक्षा और इमरजेंसी रिस्पांस को मजबूत करने के लिए बनाई गई थी और फरवरी 2024 में इसकी शुरुआत से लेकर अब तक इसने कई कीमती जानें बचाने में मदद की है।”
मुख्यमंत्री ने कहा, “पंजाब पुलिस न सिर्फ अपराध से लड़ रही है बल्कि नौजवानों में नशों के उपयोग को रोकने में भी अहम भूमिका निभा रही है। इसके साथ ही हमारी पुलिस फोर्स राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए भी आगे बढ़कर ढाल के रूप में सेवा निभा रही है।”
अधिकारियों को नशों की रोकथाम पर ध्यान केंद्रित करने की अपील करते हुए उन्होंने कहा, “आपको शैक्षणिक संस्थानों का दौरा करना चाहिए और जागरूकता कार्यक्रम चलाने चाहिए ताकि हमारे नौजवानों को नशों के भयानक नतीजों से बचाया जा सके। नशों के खिलाफ लड़ाई सिर्फ नशा तस्कर को गिरफ्तार करने से खत्म नहीं होती, हमें नशे की दलदल में फंसे व्यक्ति को भी बचाना होगा।”
उन्होंने कहा, “हमारा ध्यान नशा छुड़ाने, पुनर्वास और नशे के हर पीड़ित को नए सिरे से जिंदगी शुरू करने का मौका देने पर आधारित है। हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि जो व्यक्ति नशे का शिकार हो चुका है, वह सामान्य और स्वाभिमान वाली जिंदगी में वापस लौट सके।”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आगे कहा, “राज्य सरकार केंद्र सरकार के साथ एन.डी.पी.एस. एक्ट को और सख्त बनाने के लिए भी बातचीत कर रही है ताकि नशा तस्करी से और प्रभावशाली ढंग से निपटा जा सके।”
पुलिस कर्मचारियों की भलाई पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “हमारे पुलिस कर्मचारियों की भलाई राज्य सरकार की प्रमुख प्राथमिकता है। हमने कई अहम कदम उठाए हैं, जिनमें पुलिस कर्मचारियों को छुट्टियों की सुविधा देना, पेंशन से संबंधित बकाया मामलों के निपटारे में तेजी और अपराध व नशों से संबंधित मामलों में कार्रवाई की रफ्तार तेज करना शामिल है।”
पुलिस फोर्स को मजबूत करने के बारे में उन्होंने कहा, “हम 450 ए.एस.आईज की सीधी भर्ती कर रहे हैं। लगभग 3,400 नए रंगरूट इस समय प्रशिक्षण ले रहे हैं, जबकि अगले वित्तीय वर्ष में पुलिस की 10,000 और असामियों का विज्ञापन देने की योजना है। भर्ती पूरी तरह पारदर्शी और मेरिट आधारित प्रक्रिया के माध्यम से की जा रही है। हम पुलिस फोर्स का विस्तार और आधुनिकीकरण कर रहे हैं ताकि हमारे जवानों के पास अपनी जिम्मेदारियों को प्रभावशाली ढंग से निभाने के लिए जरूरी क्षमता और संसाधन हों।”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पंजाब पुलिस की सेवा और कुर्बानी की शानदार विरासत रही है, जो आज यह ‘रंगला पंजाब’ सृजन में बड़ा योगदान दे रही है।” मुख्यमंत्री ने पुलिस जवानों को प्रेरित करते हुए कहा कि आपको नशों के खिलाफ पूरी ताकत से मैदान में उतरना पड़ेगा क्योंकि इस वर्दी से पंजाब के हर परिवार का भरोसा जुड़ा हुआ है।
पुलिस कर्मचारियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, “इस भरोसे की ईमानदारी, बहादुरी और हमदर्दी से रक्षा करो। यह सुनिश्चित करो कि नशों के खिलाफ जंग जीतने और हमारे नौजवानों के भविष्य की रक्षा के लिए पंजाब के इतिहास में पंजाब पुलिस का नाम सुनहरे अक्षरों में लिखा जाए।”
मुख्यमंत्री ने कहा, “मैं यहां पंजाब पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ औपचारिक मीटिंग करने नहीं आया। मैं जमीनी स्तर पर काम करने वाले थाना प्रभारियों (एस.एच.ओज) से मिलने आया हूं। आप वे अधिकारी हैं, जिनका लोगों से सीधा संपर्क रहता है और आप रोजाना पुलिसिंग की चुनौतियों का सामना करते हैं। यह लड़ाई बहुत चुनौतीपूर्ण है क्योंकि पंजाब एक सीमावर्ती राज्य है और हम अंतरराष्ट्रीय सीमा पार से हो रही नशा तस्करी के खिलाफ भी लड़ाई लड़ रहे हैं।”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पंजाब की पाकिस्तान के साथ 553 किलोमीटर अंतरराष्ट्रीय सीमा लगती है। छह जिलों-अमृतसर, तरन तारन, गुरदासपुर, पठानकोट, फिरोजपुर और फाजिल्का की पाकिस्तान के साथ सीमा साझा है। हमारा पड़ोसी मुल्क मेहनतकश और खुशहाल लोगों की धरती पंजाब को नुकसान पहुंचाने की नीयत से ड्रोनों के जरिए सीमा पार से नशों की तस्करी करने की नापाक कोशिशें करता रहता है। इसलिए हमें चौकस रहना पड़ेगा और हम इन कोशिशों को कभी भी कामयाब नहीं होने देंगे।”
नशे के खिलाफ की गई कार्रवाई का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “पिछले साढ़े चार सालों में राज्य सरकार ने नशों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। एन.डी.पी.एस. एक्ट के तहत 95,644 से अधिक एफ.आई.आर. दर्ज की गई हैं और लगभग 1,27,821 गिरफ्तारियां की गई हैं। इसके साथ ही 7,265 किलो से अधिक हेरोइन बरामद की गई है। ‘युद्ध नशे के विरुद्ध’ अभियान के तहत नशा तस्करों की 375 करोड़ रुपए की संपत्ति जब्त की गई है।”
उन्होंने कहा कि नशा विरोधी अभियान में लोगों की भागीदारी अहम हिस्सा बनकर उभरी है। उन्होंने आगे कहा, “गांव सुरक्षा समितियों ने पुलिस को 24,083 गुप्त सूचनाएं दी हैं। इन सूचनाओं के आधार पर 4,843 एफ.आई.आर. दर्ज की गईं और 6,515 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस 24 घंटे लोक सेवा के प्रति समर्पित है। सरकार के नेतृत्व वाली फोर्स के रूप में नशा तस्करों को सलाखों के पीछे डालना पुलिस का नैतिक फर्ज है। हम जमीनी स्तर पर नशों के खिलाफ यह जंग लड़ रहे हैं और मैदान-ए-जंग में समाज के दुश्मनों के खिलाफ दिन-रात लड़ने वाले थाना प्रभारी असल योद्धा हैं।”
मुख्यमंत्री ने पुलिस कर्मचारियों के परिवारों का धन्यवाद करते हुए कहा, “मैं हमारे पुलिस जवानों के परिवारों को सलाम करता हूं जो उनके साथ डट कर खड़े हैं और अपनी ड्यूटी को सुचारू ढंग से निभाने में उनका साथ देते हैं। इस कठिन लड़ाई में उनका योगदान भी बराबर अहम है।”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने स्पष्ट शब्दों में कहा, “यह सिर्फ आपकी अकेले की लड़ाई नहीं है। यह पूरे पंजाब की जंग है और यह हमारे नौजवानों के भविष्य की लड़ाई है। समाज के हर वर्ग को इस लड़ाई में एकजुट होना पड़ेगा।”
उन्होंने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों में तैनात पुलिस अधिकारियों की जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है। उन्होंने आगे कहा, “ड्रोनों के जरिए अंतरराष्ट्रीय सीमा पार से नशे भेजने की कोशिशें की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि एक ड्रोन भले ही नशा ला सकता है, लेकिन हर ऐसे ड्रोन के पीछे आपराधिक मानसिकता वाला कोई मानवीय दिमाग काम कर रहा होता है।”
मुख्यमंत्री ने कहा, “ड्रोन गतिविधियों पर कड़ी नजर स्थानीय समुदायों के सक्रिय सहयोग से ही संभव है। संदिग्ध गतिविधियों की पहचान करने और पुलिस के साथ समय पर जानकारी साझा करने में सीमावर्ती क्षेत्रों के निवासियों की अहम भूमिका है।”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पंजाब पुलिस को यह लड़ाई ईमानदारी, बहादुरी, पेशेवराना महारत और हमदर्दी से जीतनी होगी। हमें अपने नौजवानों की रक्षा करनी होगी, अपने परिवारों को सुरक्षित रखना होगा और पंजाब के लिए नशा-मुक्त भविष्य सुनिश्चित करना होगा।”
इस अवसर पर मुख्य सचिव के.ए.पी. सिन्हा, डी.जी.पी. गौरव यादव और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे।

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