
कल्याण केसरी न्यूज़, अमृतसर, 6 अक्टूबर 2026: सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), रोबोटिक्स और साइबर सिक्योरिटी जैसी आधुनिक तकनीकों में दक्ष बनाने के उद्देश्य से जिला शिक्षा अधिकारी (से.) स. हरजिंदर सिंह द्वारा आज माधव विद्या निकेतन स्कूल, रंजीत एवेन्यू में जिले के सभी प्रिंसिपलों और हेड मास्टरों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।
बैठक में एसओएआर (स्किलिंग फॉर एआई रेडिनेस), डिजिटल इंडिया हब के नेशनल चेयरमैन स. गुरपाल सिंह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बढ़ते महत्व के बारे में जानकारी देते हुए एआई को बढ़ावा देने तथा युवाओं को इस क्षेत्र में दक्ष बनाने के लिए सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों के बारे में विस्तार से बताया।
इस अवसर पर जिला शिक्षा अधिकारी स. हरजिंदर सिंह ने बताया कि जिले के सरकारी स्कूलों में केंद्र सरकार द्वारा उपलब्ध करवाए गए ‘स्किलिंग फॉर एआई रेडिनेस’ पोर्टल के माध्यम से विद्यार्थियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से परिचित करवाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आज के तकनीकी युग में विद्यार्थियों को AI और अन्य उभरती तकनीकों का ज्ञान प्रदान करना समय की आवश्यकता है, ताकि वे भविष्य की चुनौतियों और रोजगार के अवसरों के लिए बेहतर ढंग से तैयार हो सकें।
उन्होंने बताया कि पंजाब सरकार द्वारा सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों के लिए ‘मिशन रफ्तार’ प्रोजेक्ट शुरू किया गया है। इस प्रोजेक्ट के तहत पंजाब भर के 425 सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को एआई, रोबोटिक्स और साइबर सिक्योरिटी में दक्ष बनाया जाएगा।
उन्होंने बताया कि इस प्रोजेक्ट के तहत अमृतसर जिले के 27 सरकारी स्कूलों में कंप्यूटर शिक्षकों की विशेष ट्रेनिंग विभिन्न संस्थानों में करवाई जा रही है। इस प्रशिक्षण के दौरान शिक्षकों को एआई, रोबोटिक्स और साइबर सिक्योरिटी संबंधी व्यावहारिक एवं तकनीकी जानकारी दी जा रही है। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद ये शिक्षक अपने-अपने स्कूलों के विद्यार्थियों को इन आधुनिक तकनीकों की ट्रेनिंग देंगे।
जिला शिक्षा अधिकारी ने आगे बताया कि अमृतसर जिले के इन 27 स्कूलों को रोबोटिक किट खरीदने के लिए 50-50 हजार रुपये की राशि जारी की गई है। इन किटों की मदद से विद्यार्थी विभिन्न AI और रोबोटिक्स प्रोजेक्ट तैयार करेंगे। इससे विद्यार्थियों की शिक्षा को केवल सैद्धांतिक ज्ञान तक सीमित रखने के बजाय उसे अधिक व्यावहारिक और प्रोजेक्ट-आधारित बनाने में मदद मिलेगी।
उन्होंने कहा कि इस पहल का उद्देश्य सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक से जोड़ना तथा उनमें रचनात्मक सोच, समस्या समाधान की क्षमता और नई तकनीकों को व्यवहार में लाने के कौशल का विकास करना है। इससे विद्यार्थियों को भविष्य में उच्च शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में उपलब्ध नए अवसरों के लिए तैयार करने में भी मदद मिलेगी।
बैठक में उप जिला शिक्षा अधिकारी श्री राजेश खन्ना और जिला नोडल अधिकारी मिशन रफ्तार श्री सौरभ दीप भी उपस्थित थे।

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