डीएलएसए अमृतसर ने कानूनी जागरूकता, कानूनी सहायता एवं सामुदायिक पहुंच का विस्तार करने के लिए ट्रैवलर वैन प्राप्त की


कल्याण केसरी न्यूज़, अमृतसर, 7 अक्टूबर 2026: पंजाब राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (पुलसा), एस.ए.एस. नगर के निर्देशों के अनुपालन में, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए), अमृतसर द्वारा जिले भर में कानूनी जागरूकता, कानूनी सहायता एवं सामुदायिक पहुंच संबंधी गतिविधियों को और अधिक सुदृढ़ एवं विस्तारित करने के लिए एक ट्रैवलर वैन प्राप्त की गई।
सुश्री जतिंदर कौर, विद्वान जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष, डीएलएसए अमृतसर ने न्यायिक अधिकारियों, न्यायालय के कर्मचारियों तथा पैरा-लीगल वालंटियर्स (पीएलवी) की उपस्थिति में ट्रैवलर वैन को औपचारिक रूप से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह पहल कानूनी सेवाओं एवं कानूनी साक्षरता को सीधे आमजन के द्वार तक पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, विशेष रूप से ग्रामीण, दूरस्थ एवं वंचित क्षेत्रों में रहने वाले उन लोगों के लिए, जिन्हें न्याय प्रणाली तक पहुंच बनाने में व्यावहारिक, आर्थिक अथवा जानकारी संबंधी कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है।
ट्रैवलर वैन जिले भर में कानूनी जागरूकता शिविरों, कानूनी सहायता शिविरों, ग्राम स्तरीय कानूनी सेमिनारों, जागरूकता अभियानों तथा अन्य आउटरीच कार्यक्रमों के आयोजन के लिए एक मोबाइल कानूनी सेवा मंच के रूप में कार्य करेगी। इसके माध्यम से निःशुल्क एवं सक्षम कानूनी सहायता, कानूनी अधिकारों एवं उपचारों, लोक अदालतों, मध्यस्थता, पीड़ित मुआवजा, महिलाओं एवं बच्चों के लिए सहायता, कल्याणकारी योजनाओं तथा नालसा, पुलसा एवं डीएलएसए द्वारा उपलब्ध कराई जा रही अन्य कानूनी सेवाओं के संबंध में जानकारी व्यापक स्तर पर पहुंचाई जाएगी।
इस अवसर पर बोलते हुए, श्री अमरदीप सिंह बैंस, सचिव, डीएलएसए अमृतसर ने कहा कि इस पहल का प्रमुख उद्देश्य कानूनी सेवा संस्थानों और समुदाय के बीच की दूरी को कम करना है। उन्होंने कहा कि यह मोबाइल आउटरीच व्यवस्था डीएलएसए अमृतसर को समुदायों तक उनके द्वार पर पहुंचने, कानूनी सहायता की आवश्यकता वाले व्यक्तियों की पहचान करने, पात्र लाभार्थियों को उनके अधिकारों एवं हकदारियों के संबंध में जागरूक करने, प्रारंभिक कानूनी मार्गदर्शन प्रदान करने, निःशुल्क कानूनी सहायता तक पहुंच सुनिश्चित करने तथा पात्र व्यक्तियों को उपयुक्त कानूनी सेवा तंत्र से जोड़ने में सक्षम बनाएगी।
उन्होंने आगे कहा कि यह पहल विशेष रूप से गांवों तथा ऐसे अन्य क्षेत्रों में कानूनी जागरूकता कार्यक्रमों और कानूनी सहायता संबंधी पहलों को पहुंचाने में उपयोगी होगी, जहां लोग नियमित रूप से न्यायालयों अथवा कानूनी सेवा संस्थानों तक पहुंचने की स्थिति में नहीं हो सकते। इससे कानूनी जागरूकता को केवल संस्थान-आधारित गतिविधि तक सीमित रखने के बजाय एक सक्रिय एवं समुदाय-केंद्रित सेवा के रूप में विकसित करने में सहायता मिलेगी, जिससे लोगों को प्रारंभिक स्तर पर ही अपने अधिकारों, हकदारियों एवं उपलब्ध कानूनी उपचारों की जानकारी प्राप्त हो सकेगी।
मोबाइल आउटरीच कार्यक्रम के माध्यम से गांवों, शैक्षणिक संस्थानों, सामुदायिक केंद्रों, सुधार गृहों तथा अन्य सार्वजनिक स्थानों पर केंद्रित एवं संवादात्मक कानूनी सेमिनार भी आयोजित किए जाएंगे। इन सेमिनारों के माध्यम से नागरिकों को कानूनी सेवा प्राधिकरणों, पैनल अधिवक्ताओं एवं पैरा-लीगल वालंटियर्स (पीएलवी) के साथ सीधे संवाद करने, अपने कानूनी मामलों के संबंध में जानकारी प्राप्त करने तथा निःशुल्क कानूनी सेवाएं प्राप्त करने की प्रक्रिया को समझने का अवसर मिलेगा। व्यावहारिक कानूनी साक्षरता पर विशेष बल दिया जाएगा, जिसमें पारिवारिक विवाद, घरेलू हिंसा, महिलाओं एवं बच्चों के अधिकार, वरिष्ठ नागरिकों के अधिकार, उपभोक्ता अधिकार, पीड़ित मुआवजा, साइबर धोखाधड़ी, मोटर दुर्घटना दावे, मुकदमा-पूर्व समझौता, लोक अदालत एवं मध्यस्थता आदि विषय शामिल होंगे।
आउटरीच गतिविधियों में समाज के कमजोर एवं वंचित वर्गों, जिनमें महिलाएं, बच्चे, वरिष्ठ नागरिक, दिव्यांगजन, अपराध के पीड़ित, सामाजिक-आर्थिक कठिनाइयों का सामना कर रहे व्यक्ति, बंदी एवं उनके परिवार तथा निःशुल्क कानूनी सेवाओं के लिए पात्र अन्य व्यक्तियों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इसका उद्देश्य केवल जानकारी का प्रसार करना नहीं होगा, बल्कि कानूनी सहायता की आवश्यकता वाले व्यक्तियों की पहचान, परामर्श, उचित संस्थान को संदर्भित करने तथा आवश्यक अनुवर्ती कार्रवाई को भी सुनिश्चित करना होगा।
यह पहल जमीनी स्तर पर कानूनी सेवाओं की प्रभावी पहुंच सुनिश्चित करने में पैरा-लीगल वालंटियर्स एवं पैनल अधिवक्ताओं की भूमिका को और सुदृढ़ करेगी। इसके माध्यम से उन क्षेत्रों तक कानूनी जानकारी, जागरूकता सामग्री एवं मार्गदर्शन पहुंचाना संभव होगा, जहां नियमित रूप से कानूनी संस्थानों तक पहुंच कठिन हो सकती है। इससे कानूनी सेवाओं को अधिक सुलभ, दृश्यमान एवं प्रभावी बनाया जा सकेगा।
इस अवसर पर श्री बलजिंदर सिंह, विद्वान अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश, अमृतसर; सुश्री परमिंदर कौर बैंस, एसीजेएम, अमृतसर; सुश्री सुप्रीत कौर, सीजेएम, अमृतसर; तथा श्री अमरदीप सिंह बैंस, सचिव, डीएलएसए अमृतसर उपस्थित रहे। डीएलएसए अमृतसर से संबद्ध पैरा-लीगल वालंटियर्स ने भी कार्यक्रम में भाग लिया।
विद्वान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने कहा कि विधिक सेवाओं का उद्देश्य केवल उस समय सहायता प्रदान करना नहीं है जब कोई व्यक्ति न्यायालय अथवा कानूनी सेवा संस्थान तक पहुंचता है, बल्कि इसमें सक्रिय कानूनी साक्षरता, कानूनी समस्याओं की प्रारंभिक पहचान तथा न्याय तक समयबद्ध पहुंच सुनिश्चित करना भी शामिल है। उन्होंने कहा कि कानूनी जागरूकता सेमिनार एवं मोबाइल आउटरीच पहल नागरिकों को अपने अधिकारों को समझने, शोषण से बचने तथा प्रारंभिक स्तर पर ही उचित कानूनी सेवा तंत्र से संपर्क करने के लिए सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
ट्रैवलर वैन को इस प्रकार “सभी के लिए न्याय तक पहुंच” के संदेश को न्यायालय परिसर से आगे समुदाय के बीच पहुंचाने का एक महत्वपूर्ण माध्यम माना गया है। यह डीएलएसए अमृतसर द्वारा संचालित कानूनी जागरूकता कार्यक्रमों, मेगा कानूनी सेवा शिविरों, घर-घर जागरूकता अभियानों तथा ग्राम स्तरीय आउटरीच गतिविधियों को और अधिक सुदृढ़ करेगी, ताकि कानूनी सहायता एवं कानूनी जागरूकता उन सभी व्यक्तियों तक पहुंच सके जिन्हें इसकी सर्वाधिक आवश्यकता है।
यह पहल डीएलएसए अमृतसर की न्याय तक पहुंच के संवैधानिक अधिदेश को आगे बढ़ाने तथा यह सुनिश्चित करने के प्रति अटूट प्रतिबद्धता को पुनः रेखांकित करती है कि प्रत्येक पात्र व्यक्ति को, उसकी सामाजिक अथवा आर्थिक परिस्थितियों की परवाह किए बिना, कानूनी सहायता एवं न्याय सुलभ, समावेशी एवं प्रभावी रूप से उपलब्ध हो।

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