अफ्रीकन स्वाइन फीवर से मनुष्यों को कोई खतरा नहीं, बाढ़ से भी इसका कोई संबंध नहीं: डिप्टी डायरेक्टर पशुपालन

कल्याण केसरी न्यूज़, अमृतसर, 11 सितंबर 2025: अफ्रीकन स्वाइन फीवर (एएसएफ) की बीमारी के गांव धारीवाल कलेर, तहसील अजनाला, जिला अमृतसर में फैलने के कारण इस गांव को बीमारी का केंद्र (एपिसेंटर) घोषित किया गया है। इस संबंध में जानकारी देते हुए डिप्टी डायरेक्टर पशुपालन श्री नवराज सिंह संधू ने बताया कि तहसील अजनाला के एक सुअर फार्म में अफ्रीकन स्वाइन फीवर बीमारी की पुष्टि हुई है। उन्होंने बताया कि अफ्रीकन स्वाइन फीवर एक वायरल बीमारी है जो केवल सूअरों को प्रभावित करती है। यह बीमारी किसी अन्य पशु या इंसान में नहीं फैलती, इसलिए लोगों को घबराने की कोई जरूरत नहीं है।
डिप्टी डायरेक्टर पशुपालन संधू ने बताया कि इस बीमारी का अभी तक कोई इलाज नहीं है और इसलिए इसके प्रसार को रोकने के लिए सूअरों को एक फार्म से दूसरे फार्म तक ले जाने और सूअर के मांस की बिक्री पर रोक लगाई जाती है। जहां भी यह बीमारी पाई जाती है, वहां सभी सूअरों को मारकर सुरक्षित तरीके से दफनाया जाता है और प्रभावित फार्म को पूरी तरह सैनिटाइज करके सील किया जाता है। इसके साथ ही, प्रभावित सूअर फार्म के आस-पास के सभी सूअर फार्मों की पशुपालन विभाग द्वारा नियमित निगरानी की जा रही है ताकि बीमारी के संभावित फैलाव को समय रहते रोका जा सके।
डिप्टी डायरेक्टर पशुपालन ने जनता से अपील की है कि अफ्रीकन स्वाइन फीवर केवल सूअरों तक सीमित एक बीमारी है और इसका मानव स्वास्थ्य से कोई संबंध नहीं है। इसलिए इससे घबराने की कोई जरूरत नहीं है और अफवाहों से सतर्क रहने की भी अपील की गई है।

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