
कल्याण केसरी न्यूज़, अमृतसर, 3 अप्रैल 2026: आम आदमी पार्टी के लोकसभा इंचार्ज एवं पंजाब लघु उद्योग निगम (पीएसआईईसी) के वाइस चेयरमैन जसकरण सिंह बंदेशा ने प्रेस बयान जारी करते हुए कहा कि पंजाब में औद्योगिक विकास को और मजबूत करने के उद्देश्य से सरकार द्वारा पीएसआईसी के प्लॉट होल्डरों के लिए लीज होल्ड से फ्री होल्ड करने संबंधी नई नोटिफिकेशन जारी की गई है। इस मौके पर माजा ज़ोन मीडिया इंचार्ज अरविंदर सिंह भट्टी और जिला मीडिया इंचार्ज सतनाम सिंह मठाड़ू विशेष रूप से मौजूद रहे। इस पॉलिसी का उद्देश्य उद्योगपतियों को अनावश्यक दफ्तरों की प्रक्रियाओं और परेशानियों से राहत देना है।
बंदेशा ने बताया कि पहले पीएसआईसी के कई औद्योगिक प्लॉट लीज होल्ड प्रणाली के तहत चल रहे थे, जिसके कारण एक लीज से दूसरी लीज और फिर आगे ट्रांसफर के दौरान उद्योगपतियों को बैंक लोन या अन्य कार्यों के लिए बार-बार पीएसआईसी के दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ते थे। इस प्रक्रिया के चलते उद्योगपतियों को परेशानी और अनावश्यक बाधाओं का सामना करना पड़ता था और कई शिकायतें भी सामने आती थीं।
उन्होंने कहा कि पहले लीज होल्ड से फ्री होल्ड करने के लिए प्लॉट होल्डर को रिजर्व प्राइस के आधार पर 5 प्रतिशत फीस पीएसआईसी को देने के साथ-साथ रजिस्ट्री का खर्च भी राजस्व विभाग को देना पड़ता था। अब सरकार ने उद्योग जगत को बड़ी राहत देते हुए वन-टाइम राहत के रूप में रजिस्ट्री का पूरा खर्च माफ कर दिया है। अब उद्योगपति को केवल 5 प्रतिशत राशि पीएसआईसी को देनी होगी।
बंदेशा ने बताया कि इस पॉलिसी का सबसे बड़ा लाभ यह है कि प्लॉट फ्री होल्ड होने के बाद उद्योगपतियों को दोबारा पीएसआईसी की मंजूरियों के लिए दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। बैंक लोन या अन्य व्यावसायिक लेन-देन भी आसान हो जाएंगे।
उन्होंने कहा कि नई नोटिफिकेशन के तहत पहले अनिवार्य रही लगभग 18 सेवाओं को अब वैकल्पिक कर दिया गया है। इसका मतलब यह है कि यदि किसी उद्योगपति को किसी प्रमाण पत्र या अनुमति की आवश्यकता हो, तभी वह उसे प्राप्त करे, अन्यथा यह अनिवार्य नहीं रहेगा।
अंत में बंदेशा ने कहा कि सरकार का मानना है कि इस निर्णय से उद्योगपतियों को सुविधा मिलेगी, दफ्तरों की दखलअंदाजी कम होगी और पंजाब में औद्योगिक माहौल और अधिक निवेश-अनुकूल बनेगा। इस मौके पर केवल अटवाल, हरप्रीत सिंह बेदी, एस.पी. सिंह, अमरजीत सिंह लाडा, मनदीप सिंह और करनबीर सिंह उपस्थित थे।

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