सीमा पर बीएसएफ चौकियों और सड़कों के लिए भूमि अधिग्रहण के मामलों के निपटारे हेतु मान सरकार ने एसडीएम को कलेक्टर शक्तियां देने का नोटिफिकेशन जारी किया: धालीवाल
धालीवाल ने सीमावर्ती गांवों और कस्बों में संवाद जन संपर्क बैठकों के दौरान सीमावर्ती किसानों सहित आम लोगों की समस्याएं सुनीं

कल्याण केसरी न्यूज़, अमृतसर/अजनाला, 10 अप्रैल 2026: आम आदमी पार्टी के प्रदेश मुख्य प्रवक्ता, विधायक एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री पंजाब श्री कुलदीप सिंह धालीवाल ने वरिष्ठ महिला नेता एडवोकेट अमनदीप कौर धालीवाल, ब्लॉक इंचार्ज जसजीत सिंह, संदीप सिंह, हरपाल सिंह और बलजीत सिंह के प्रयासों से अजनाला क्षेत्र में भारत-पाक अंतरराष्ट्रीय सीमा से लगे गांवों – दिनेवाली, बल्ल लभे दरिया, चक्क बाला, नंगल अंब, कस्बा रमदास के वार्ड नंबर 1, 2, 3, 6, 9, 10 में “शानदार चार साल भगवंत मान के साथ” के तहत बड़ी जनसभाएं आयोजित कर सीमावर्ती लोगों की समस्याएं सुनीं।
बैठकों को संबोधित करते हुए श्री धालीवाल ने कहा कि पंजाब के मुख्यमंत्री श्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली सरकार का मुख्य एजेंडा किसानों और आम वर्ग की समस्याओं का समाधान कर उन्हें सुविधाएं प्रदान करना, रंगला पंजाब का निर्माण, राष्ट्रीय एकता और देश की मजबूत सुरक्षा सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि चार वर्षों में चुनावी गारंटियों को 100 प्रतिशत पूरा कर भ्रष्टाचार मुक्त शासन, सर्वांगीण विकास और रोजगार के क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की गई हैं, जिससे पूरे देश में एक मिसाल कायम हुई है।
सीमावर्ती किसानों की समस्याओं के समाधान पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री भगवंत सिंह मान ने पंजाब में भारत-पाक करीब 543 किलोमीटर लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास सुरक्षा के लिए लगी कांटेदार तार को ज़ीरो लाइन तक ले जाने के लिए केंद्र सरकार के समक्ष कई उच्चस्तरीय बैठकों में यह मुद्दा उठाया, जिसमें केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के साथ भी विशेष रूप से चर्चा की गई।
इसके परिणामस्वरूप अंतरराष्ट्रीय सीमा पर बसे सैकड़ों गांवों और कस्बों के लगभग 12 हजार किसान परिवारों—जिनमें अजनाला क्षेत्र की लगभग 100 किलोमीटर सीमा पट्टी के किसान भी शामिल हैं—को बड़ी राहत मिलने जा रही है। वर्ष 1992 से भारत की ओर 2–3 किलोमीटर अंदर तक लगी कांटेदार तार के कारण प्रभावित जमीन को या तो हटाकर ज़ीरो लाइन से 100–150 मीटर तक ले जाया जाएगा या फिर अब तक तार के कब्जे में आई जमीन के बदले उतनी ही उपजाऊ जमीन का मालिकाना हक दिया जाएगा। इस मांग को लेकर 12 हजार किसान परिवार लंबे समय से अपील कर रहे थे, लेकिन पूर्व की कांग्रेस, अकाली और भाजपा सरकारों ने इस पर कोई ध्यान नहीं दिया।
धालीवाल ने यह भी बताया कि पंजाब सरकार के गृह एवं न्याय विभाग द्वारा हाल ही में एक नोटिफिकेशन जारी कर सीमावर्ती सुरक्षा, चौकियों, सड़कों और अन्य बुनियादी ढांचे के विकास के लिए बीएसएफ से भूमि अधिग्रहण के मामलों को राज्य स्तर की बजाय सब-डिवीजन स्तर पर निपटाने हेतु एसडीएम को कलेक्टर की शक्तियां सौंप दी गई हैं। संवाद जन संपर्क अभियान में बड़ी संख्या में सीमावर्ती महिलाएं, आम लोग, पंच-सरपंच, काउंसलर और पार्टी वॉलंटियर मौजूद रहे।

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