कारोबारी मामले को राज्यपाल के पास उठाएंगे: रवनीत सिंह बिट्टू
पीड़ित कारोबारी के परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए: जंगी लाल महाजन

कल्याण केसरी न्यूज़, चंडीगढ़, 10 अप्रैल 2026: पंजाब के कैबिनेट मंत्री हरदीप सिंह मुंडिया द्वारा मुकेरियां के ‘जैलदार इनोवेशन’ के एक कारोबारी को धमकाने से जुड़ी वायरल वीडियो के मामले का सख्त संज्ञान लेते हुए भारतीय जनता पार्टी ने इसे राज्यपाल के समक्ष उठाने का ऐलान किया है।
चंडीगढ़ स्थित पंजाब भाजपा के पार्टी कार्यालय में पीड़ित कारोबारी मलकीत सिंह को मीडिया के सामने पेश करते हुए केंद्रीय रेल राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने कहा कि यह मामला पंजाब के राज्यपाल के पास उठाया जाएगा। वहीं, प्रेस कॉन्फ्रेंस में मौजूद मुकेरियां के भाजपा विधायक जंगी लाल महाजन ने मामले की सीबीआई जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए।
रवनीत सिंह बिट्टू ने कहा कि जो काम लालजीत भुल्लर ने अमृतसर में किया, वही हरदीप सिंह मुंडिया मुकेरियां में कर रहे हैं। फर्क सिर्फ इतना है कि लालजीत भुल्लर से परेशान होकर डीएम गगनदीप रंधावा ने आत्महत्या कर ली थी, जबकि मलकीत सिंह ने लड़ने का फैसला किया है। इसलिए भाजपा सहित प्रदेश में सरकार के खिलाफ आवाज उठाने वाले लोग इस कारोबारी परिवार के साथ खड़े हैं।
रवनीत सिंह बिट्टू ने कहा कि एक तरफ सरकार बाहरी निवेश लाने के दावे कर रही है, वहीं दूसरी ओर पंजाब की धरती से उठकर कारोबार करने और रोजगार पैदा करने वाले कारोबारियों को धमकाकर उनसे उगाही की जा रही है। यह सारा पैसा दिल्ली पहुंचाया जा रहा है।
कारोबारी के आरोप:
इस मौके पर कारोबारी मलकीत सिंह ने बताया कि वह हरदीप मुंडिया के पैतृक गांव हयातपुर कोटली का रहने वाला है और उसका विशेष तकनीक से ट्रॉलियां बनाने का कारोबार है।
उसने बताया कि करीब एक साल पहले मुंडिया ने उससे साढ़े 6 लाख रुपये की ट्रॉली बनवाई, लेकिन भुगतान नहीं किया। जब उसने पैसे मांगे तो मंत्री ने उल्टा उसके कारोबार में हिस्सेदारी देने का दबाव बनाया। उसने आरोप लगाया कि हरदीप सिंह मुंडिया के दबाव में उसके खिलाफ प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड सहित विभिन्न विभागों से नोटिस भिजवाए जा रहे हैं और उसका कारोबार बंद करवाने की कोशिश की जा रही है।
उसने कहा कि उसके परिवार की जान-माल को खतरा है और उन्हें गैंगस्टरों के जरिए धमकियां दिलवाई जा रही हैं। उसके भाई पर हमला भी हो चुका है, लेकिन केस दर्ज होने के बावजूद पुलिस कोई कार्रवाई नहीं कर रही।
पीड़ित कारोबारी ने कहा कि हालात इतने खराब हैं कि वह अपने बच्चों को स्कूल तक नहीं भेज पा रहा और खुद भी सार्वजनिक रूप से कहीं जाने से डरता है। यह कहते हुए वह प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान भावुक होकर रो पड़ा।

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