68 बीटें स्थापित, 34 रेड अलर्ट प्वाइंट तैयार; 13 नए मोटरसाइकिल, 5 वाहन और 36 पुलिसकर्मी तैनात
22 नए ट्रैफिक पुलिसकर्मी भी किए गए तैनात

कल्याण केसरी न्यूज़, अमृतसर, 10 सितंबर 2026: अमृतसर पुलिस कमिश्नरेट द्वारा शहर में अपराध की रोकथाम, आपातकालीन कॉल पर तत्काल पुलिस सहायता और पुलिस की मौजूदगी को और मजबूत करने के उद्देश्य से पीसीआर व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया गया है।
पुलिस कमिश्नर अमृतसर, श्री हरमनबीर सिंह गिल, आईपीएस ने पीसीआर के 13 नए मोटरसाइकिलों और 5 वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर डीसीपी स्थानीय श्रीमती आकर्षी जैन, डीसीपी ऑपरेशंस श्री जुग—
राज सिंह, डीसीपी इन्वेस्टिगेशन श्री प्रभजोत सिंह विर्क और डीसीपी कानून-व्यवस्था श्री रविंदर पाल सिंह संधू भी उपस्थित रहे।
पीसीआर की 68 नई बीटें
नई व्यवस्था के तहत शहर को कुल 68 पीसीआर बीटों में विभाजित किया गया है। पहले शहर में लगभग 50 बीटें थीं, जिनमें कई बीटें दो अलग-अलग थानों के क्षेत्रों में ओवरलैप करती थीं। इसके कारण आपात स्थिति में पुलिस टीमों को मौके पर पहुंचने में परेशानी होती थी।
अब प्रत्येक बीट को संबंधित थाने की सीमा के भीतर स्पष्ट रूप से निर्धारित किया गया है। बीटों का पुनर्गठन शहर की वर्तमान जमीनी स्थिति, जनसंख्या घनत्व और थाना क्षेत्रों की सीमाओं को ध्यान में रखकर किया गया है।
पुराने और अधिक भीड़भाड़ वाले अमृतसर शहर में मोटरसाइकिल पीसीआर को प्राथमिकता दी गई है, जबकि नए और खुले क्षेत्रों में पीसीआर वाहनों का इस्तेमाल किया जाएगा।
13 नए पीसीआर मोटरसाइकिल शामिल
पीसीआर व्यवस्था में 13 नए मोटरसाइकिल शामिल किए गए हैं। इनका ट्रायल रन पिछले कुछ दिनों से किया जा रहा था। नए मोटरसाइकिलों के शामिल होने से पीसीआर की गतिशीलता और तत्काल प्रतिक्रिया देने की क्षमता में और वृद्धि होगी।
इसके अलावा पीसीआर व्यवस्था को मजबूत करने के लिए 36 पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं, जबकि 22 नए ट्रैफिक पुलिसकर्मियों की भी तैनाती की गई है।
112 कॉल पर त्वरित रिस्पांस
नई व्यवस्था का प्रमुख उद्देश्य 112 पर आने वाली आपातकालीन कॉल के बाद पुलिस की तत्काल पहुंच सुनिश्चित करना है।
कंट्रोल रूम को जैसे ही आपातकालीन कॉल प्राप्त होगी, संबंधित क्षेत्र की पीसीआर मोटरसाइकिल या वाहन को तुरंत अलर्ट किया जाएगा।
पीसीआर टीमों की तैनाती इस प्रकार की गई है कि शहर के विभिन्न हिस्सों में आपातकालीन कॉल मिलने पर कम से कम समय में पुलिस सहायता पहुंचाई जा सके। पुलिस ने लगभग 5 से 10 मिनट के भीतर रिस्पांस टाइम सुनिश्चित करने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
34 रेड अलर्ट प्वाइंटों से तत्काल नाकाबंदी
नई पीसीआर प्रणाली के तहत शहर में 34 रेड अलर्ट प्वाइंट भी निर्धारित किए गए हैं।
यदि किसी क्षेत्र में तत्काल नाकाबंदी की आवश्यकता पड़ती है, तो कंट्रोल रूम द्वारा संबंधित पीसीआर टीमों को तुरंत अलर्ट कर निर्धारित प्वाइंटों पर नाकाबंदी के लिए भेजा जाएगा।
इस व्यवस्था के माध्यम से जरूरत पड़ने पर कुछ ही मिनटों में शहर के कई महत्वपूर्ण स्थानों पर नाकाबंदी की जा सकेगी। इससे आपराधिक घटना के बाद संदिग्ध वाहनों और व्यक्तियों की तत्काल जांच तथा घेराबंदी अधिक प्रभावी ढंग से की जा सकेगी।
पीसीआर बीट कभी खाली नहीं रहेगी
पीसीआर मोटरसाइकिलों में तकनीकी खराबी या किसी अन्य कारण से ड्यूटी प्रभावित न हो, इसके लिए अतिरिक्त मोटरसाइकिलों को पुलिस लाइन में रिजर्व रखा गया है।
यदि किसी बीट में तैनात मोटरसाइकिल में कोई खराबी आती है, तो पुलिस लाइन से तुरंत वैकल्पिक मोटरसाइकिल मौके पर भेजी जाएगी।
इससे किसी भी परिस्थिति में पीसीआर बीट खाली नहीं रहेगी और शहर में पुलिस की निरंतर मौजूदगी सुनिश्चित की जाएगी।

प्रत्येक पीसीआर बीट के लिए विशेष बीट बुक
नई व्यवस्था की एक महत्वपूर्ण विशेषता बीट बुक भी है। प्रत्येक पीसीआर बीट के लिए विशेष बीट बुक तैयार की गई है, जिसमें संबंधित क्षेत्र की महत्वपूर्ण जानकारी दर्ज की जाएगी।
इन बीट बुकों में अस्पताल, धार्मिक स्थल, बैंक, एटीएम, रेलवे लाइन, मुख्य सड़कें, संवेदनशील स्थान, महत्वपूर्ण संस्थान और अन्य जरूरी स्थानों की जानकारी शामिल होगी।
इसके अलावा बीट का लैमिनेटेड नक्शा भी बीट बुक में रखा जाएगा।
इसका उद्देश्य यह है कि यदि किसी बीट में नया पुलिसकर्मी तैनात होता है, तो वह बीट बुक की सहायता से अपने पूरे क्षेत्र, महत्वपूर्ण स्थानों और अपनी जिम्मेदारियों के बारे में तुरंत जानकारी प्राप्त कर सके और प्रभावी ढंग से पेट्रोलिंग कर सके।
अपराध की रोकथाम पर विशेष जोर
पुलिस कमिश्नर अमृतसर श्री हरमनबीर सिंह गिल, आईपीएस ने कहा कि पीसीआर की नई री-अलाइनमेंट का मुख्य उद्देश्य “अपराध की रोकथाम” को और मजबूत करना है।
उन्होंने कहा कि पुलिस की मौजूदगी को केवल घटना के बाद की कार्रवाई तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि शहर के प्रत्येक महत्वपूर्ण क्षेत्र में लगातार पेट्रोलिंग और दिखाई देने वाली पुलिस मौजूदगी सुनिश्चित की जाएगी।
उन्होंने कहा कि नई पीसीआर व्यवस्था के माध्यम से तेज रिस्पांस, बेहतर पेट्रोलिंग, तत्काल नाकाबंदी और अपराध की रोकथाम को और प्रभावी बनाया जाएगा।
इस नई व्यवस्था की लगातार मॉनिटरिंग की जाएगी तथा पीसीआर स्टाफ की नियमित ब्रीफिंग भी की जाएगी, ताकि जमीनी स्तर पर इस व्यवस्था का अधिक से अधिक लाभ शहरवासियों को मिल सके।

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