ऑपरेशन संपर्क: नशों के खिलाफ लड़ाई में परिवार और समाज की भूमिका सबसे अहम: सी.पी. हरमनबीर सिंह गिल

कल्याण केसरी न्यूज़, अमृतसर, 17 सितंबर 2026: कमिश्नरेट पुलिस अमृतसर द्वारा नशों के खिलाफ जागरूकता और लोगों के साथ सीधे संपर्क को मजबूत करने के उद्देश्य से आयोजित संपर्क कार्यक्रम के दौरान पुलिस कमिश्नर अमृतसर, श्री हरमनबीर सिंह गिल, आईपीएस ने कार्यक्रम में शामिल सभी गणमान्य व्यक्तियों, सामाजिक नेताओं और उपस्थित लोगों का अपना बहुमूल्य समय निकालकर कार्यक्रम में शामिल होने के लिए धन्यवाद किया।
उन्होंने कहा कि नशों की समस्या केवल पुलिस या सरकार की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसके खात्मे के लिए परिवार, समाज, प्रशासन और पुलिस को मिलकर काम करने की जरूरत है। नशों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान को सफल बनाने के लिए लोगों की सक्रिय भागीदारी बेहद जरूरी है।
सी.पी. श्री हरमनबीर सिंह गिल ने कहा कि नशों की समस्या ने पंजाब के युवाओं और परिवारों को प्रभावित किया है। उन्होंने कहा कि इस चुनौती से निपटने के लिए केवल नशा बेचने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि नशों की मांग को कम करने, युवाओं की काउंसलिंग करने और नशे की गिरफ्त में फंसे लोगों को दोबारा मुख्यधारा में लाने पर भी विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि पंजाब ने पिछले समय में कई गंभीर चुनौतियों का सामना किया है और अब समाज को नशों की समस्या के खिलाफ भी एकजुट होकर काम करने की जरूरत है। उन्होंने युवाओं को नशों से दूर रखने के लिए पारिवारिक संवाद, खेल, शिक्षा और रोजगार के अवसरों को बढ़ावा देने के महत्व पर जोर दिया।
सी.पी. ने कहा कि नशों की रोकथाम में परिवार की भूमिका सबसे पहले आती है। माता-पिता को अपने बच्चों के साथ नियमित रूप से बातचीत करनी चाहिए और उनकी गतिविधियों, दोस्तों तथा दैनिक दिनचर्या के बारे में जानकारी रखनी चाहिए। उन्होंने कहा कि आज के समय में एक ही घर में रहते हुए भी परिवार के सदस्य मोबाइल फोन में व्यस्त रहते हैं, जिसके कारण बच्चों के साथ सीधा संवाद कम होता जा रहा है। इसलिए परिवारों को बच्चों के लिए समय निकालकर उनकी बात सुननी चाहिए।


उन्होंने कहा कि यदि किसी परिवार को लगता है कि उसका कोई सदस्य नशे की समस्या से जूझ रहा है तो उसे मदद लेने से हिचकिचाना नहीं चाहिए। नजदीकी पुलिस स्टेशन, एसएचओ, गांव के सरपंच, काउंसलर या अन्य जिम्मेदार प्रतिनिधियों के माध्यम से पुलिस तक पहुंचा जा सकता है। जरूरत पड़ने पर डी-एडिक्शन सेंटर, काउंसलिंग और अन्य उचित सहायता के लिए कमिश्नरेट पुलिस की ओर से हर संभव सहयोग दिया जाएगा।
सी.पी. श्री गिल ने लोगों से अपील की कि नशों की बिक्री या सप्लाई से संबंधित कोई भी जानकारी पुलिस के साथ साझा करें। उन्होंने कहा कि लोगों द्वारा दी गई जानकारी नशों की सप्लाई चेन को तोड़ने और युवाओं को इससे बचाने में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।
उन्होंने कमिश्नरेट पुलिस अमृतसर द्वारा क्राइम प्रिवेंशन और त्वरित पुलिस रिस्पांस को मजबूत करने के लिए किए जा रहे प्रयासों के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि शहर में पुलिस बीट सिस्टम को पुनर्गठित करते हुए लगभग 68 पुलिस बीट बनाई/पुनर्गठित की गई हैं तथा पेट्रोलिंग और त्वरित रिस्पांस के लिए नए वाहन और मोटरसाइकिल तैनात किए जा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि 112 या पुलिस कंट्रोल रूम पर सूचना मिलने के बाद पुलिस द्वारा कम से कम समय में मौके पर पहुंचने के लिए रिस्पांस सिस्टम को और मजबूत किया गया है। विशेष रूप से नशों की बिक्री या युवाओं को नशा सप्लाई करने संबंधी शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई की जाएगी।
सी.पी. ने बताया कि नए भर्ती किए गए पुलिस कर्मचारियों और जवानों को भी पेट्रोलिंग तथा त्वरित रिस्पांस ड्यूटी में लगाया जा रहा है। इसके साथ ही स्वस्थ और चुस्त-दुरुस्त पुलिस कर्मचारियों को मैदानी ड्यूटी में तैनात करके पुलिस की मौजूदगी और त्वरित कार्रवाई को और प्रभावी बनाया जा रहा है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि नशों की बिक्री और अपराध से संबंधित मामलों में किसी भी तरह की सिफारिश या लिहाज को प्राथमिकता नहीं दी जाएगी। कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी और पुलिस द्वारा जमीनी स्तर पर नशों के खिलाफ कार्रवाई को और तेज किया जाएगा।
सी.पी. श्री हरमनबीर सिंह गिल ने कहा कि आज का यह संपर्क कार्यक्रम केवल एक बैठक नहीं, बल्कि पुलिस और समाज को एक मंच पर एकत्रित करके नशों के खिलाफ साझा रणनीति तैयार करने का प्रयास है। उन्होंने कहा कि बैठकों के दौरान सामने आने वाले सुझावों और विचारों को जमीनी स्तर पर लागू करना ही इस पहल का वास्तविक उद्देश्य है।
अंत में उन्होंने सभी उपस्थित लोगों का धन्यवाद करते हुए कहा कि नशों के खिलाफ लड़ाई को जन आंदोलन बनाने की जरूरत है। पुलिस और प्रशासन अपने स्तर पर हर संभव प्रयास करते रहेंगे, लेकिन इस अभियान की सफलता के लिए हर परिवार, हर मोहल्ले और हर गांव की भागीदारी जरूरी है।

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