अमृतसर सहित पंजाब में कानून-व्यवस्था ध्वस्त, अपराधी बेख़ौफ़, पुलिस की नाक के नीचे दे रहे वारदातों को अंजाम: जगमोहन राजू

कल्याण केसरी न्यूज़, अमृतसर, 19 सितंबर 2026: गुरुनगरी अमृतसर में दो पुलिस अधिकारीयों तथा पुलिस स्टेशन से महज 50 गज की दूरी पर सरेआम हुए एक नौजवान की हत्या मामले को लेकर भाजपा पंजाब के पूर्व महासचिव डॉ. जगमोहन सिंह राजू (रिटा. आईऐएस) ने पंजाब की आम आदमी पार्टी के मुख्यमंत्री भगवंत मान तथा उनकी सरकार की कार्यशैली पर सवाल खड़े करते हुए हुए कहा कि जब से पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार बनी है तब से पंजाब में कानून-व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है। अपराधी, माफिया तथा गैंगस्टर बेख़ौफ़ और बेलगाम हो चुके हैं। सरकार या पुलिस का उन्हें कोई डर नहीं है।
जगमोहन राजू ने कहा कि बीते कल भगतांवाला दाना मंडी के पास गेट हकीमा पुलिस स्टेशन के तहत PCR में पोस्टेड ASI हरजीत सिंह की मोटरसाइकिल सवार दो युवकों ने गोलियां मारकर हत्या कर दी गई तथा उससे पहले अजनाला के पास एक पुलिस अधिकारी को रात में गोली मार दी गई। दूसरी तरफ कोट खालसा पुलिस पोस्ट से सिर्फ़ 50 मीटर की दूरी पर एक 25 साल के साहिल गिल, जो कि ज़ोमैटो डिलीवरी मैन के तौर पर काम करता था और अपने घर से महज 40 कदम दूर था, कि अज्ञात स्कूटर सवारों ने सीने में गोली मार कर हत्या कर दी। इतना ही नहीं तरनतारन के किड-जी स्कूल के बाहर तीन बार गोलीबारी की घटना हो चुकी है, लेकिन आरोपी अभी पुलिस की पहुँच से दूर हैं। अपराधी इतने बेख़ौफ़ हैं कि वह पुलिस, थानों या अन्य सरकारी संस्थानों पर भी हमला करने से नहीं डरते।
राजू ने कहा कि आम आदमी पार्टी के कुशासन में अमृतसर सहित पूरे पंजाब में कानून व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है। उन्होंने कहा कि राज्य में बढ़ते अपराध, हत्याओं, डकैती, फिरौती और आए दिन हो रही आपराधिक घटनाओं ने आम जनता का जीना दूभर हो गया है। पंजाब में अब कोई भी नागरिक खुद को सुरक्षित महसूस नहीं कर रहा है। धर्मनगरी अमृतसर, जो कि विश्वभर में शांति और आस्था का प्रतीक है, आज अपराधियों का गढ़ बनती जा रही है। आए दिन हो रही गोलीबारी, फिरौती और लूटपाट की वारदातों ने व्यापारियों और आम नागरिकों के मन में खौफ का माहौल पैदा कर दिया है।
जगमोहन राजू ने कहा कि पंजाब की ‘आप’ सरकार विज्ञापन बाजी और झूठे दावों में व्यस्त है, जबकि धरातल पर प्रशासन और पुलिस का इकबाल खत्म हो चुका है। मुख्यमंत्री भगवंत मान, जिनके पास गृह मंत्रालय का भी प्रभार है, राज्य की सुरक्षा व्यवस्था को संभालने में पूरी तरह नाकाम साबित हुए हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान से अगर जनता को सुरक्षा नहीं दे सकते तो उन्हें नैतिकता के आधार पर त्यागपत्र दे देना देना चाहिए।

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