
कल्याण केसरी न्यूज़, अमृतसर, 19 सितंबर 2026: गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज (जीएमसी), अमृतसर की मेडिकल एजुकेशन यूनिट (एमईयू) ने 18 और 19 सितंबर को दो दिवसीय ‘करिकुलम इम्प्लीमेंटेशन सपोर्ट प्रोग्राम’ (सीआईएसपी) ट्रेनिंग वर्कशॉप का सफलतापूर्वक आयोजन किया। राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग (एनएमसी) की गाइडलाइंस के अनुसार, इस प्रोग्राम में कॉलेज के विभिन्न विभागों के 30 फैकल्टी सदस्यों (शिक्षकों) ने हिस्सा लिया।
इस ट्रेनिंग प्रोग्राम का औपचारिक उद्घाटन 18 सितंबर को जीएमसी अमृतसर के डायरेक्टर प्रिंसिपल डॉ. राजीव देवगन ने किया। क्रिश्चियन मेडिकल कॉलेज (सीएमसी) लुधियाना के डॉ. रोहित जॉन चौधरी ने एनएमसी एनएमसी द्वारा नियुक्त आधिकारिक ऑब्जर्वर (पर्यवेक्षक) के रूप में इस कार्यक्रम की निगरानी की।
यह वर्कशॉप एमईयू कोर्डिनेटर डॉ. लवीना ओबेरॉय के मार्गदर्शन में आयोजित की गई। इस कार्यक्रम को सफल बनाने में करिकुलम कमेटी (सीसी) के सदस्यों- डॉ. मृदु गुप्ता, डॉ. अजय छाबड़ा, डॉ. नवयुगराज सिंह, डॉ. सरोज बाला, डॉ. राजीव अरोड़ा और डॉ. भूपिंदर सिंह वालिया ने भी सहयोग दिया।
इस वर्कशॉप का मुख्य उद्देश्य फैकल्टी को ‘योग्यता-आधारित चिकित्सा शिक्षा’ (सीबीएमई) और इसके नए हिस्सों के बारे में ट्रेनिंग देना था। इनमें अर्ली क्लिनिकल एक्सपोजर, एईटीकॉम मॉड्यूल, पढ़ाने-सीखने के नए तरीके, स्किल ट्रेनिंग और स्टूडेंट-डॉक्टर क्लिनिकल टीचिंग जैसे विषय शामिल थे।
एमईयू कोर्डिनेटर डॉ. लवीना ओबेरॉय ने इस बात पर जोर दिया कि इन आधुनिक, छात्रों और मरीजों को ध्यान में रखकर बनाए गए तरीकों को अपनाने का मुख्य लक्ष्य मेडिकल शिक्षा में सुधार करना और मरीजों को बेहतर सेवाएं प्रदान करना है।
यह वर्कशॉप काफी संवादात्मक (इंटरैक्टिव) रही, जिसमें सभी ने खुलकर चर्चा की। इस शानदार वर्कशॉप का समापन प्रतिभागियों और फैकल्टी के फीडबैक के साथ हुआ। दो दिन तक चले इस कार्यक्रम के अंत में सभी को सर्टिफिकेट बांटे गए।

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