पापरा एक्ट-1995 के तहत नोटिस जारी होने के बावजूद निर्माण कार्य जारी रखने पर की गई कार्रवाई

कल्याण केसरी न्यूज़, अमृतसर, 22 अक्टूबर 2026: पंजाब सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों की पालना करते हुए अमृतसर विकास प्राधिकरण (एडीए), पुड्डा के जिला नगर योजनाकार (रेगुलेटरी) विंग द्वारा आज अमृतसर जिले में दो अवैध कॉलोनियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उन्हें ढहा दिया गया। यह कार्रवाई एडीए के मुख्य प्रशासक श्री नितेश कुमार जैन, आईएएस, तथा अतिरिक्त मुख्य प्रशासक श्री इनायत, पीसीएस द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार की गई।
एडीए के रेगुलेटरी विंग द्वारा थाना कथूनंगल के पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में अमृतसर-पठानकोट रोड पर स्थित गांव पाखरपुरा में विकसित की जा रही एक अवैध कॉलोनी तथा गांव दियालपुर में लिंक रोड पर बनाई जा रही एक अन्य अवैध कॉलोनी के खिलाफ कार्रवाई की गई।
इस संबंध में जानकारी देते हुए रेगुलेटरी विंग के अधिकारियों ने बताया कि सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार भविष्य के विकास को नियमित करने और अवैध कॉलोनियों के निर्माण पर रोक लगाने के उद्देश्य से गांव पाखरपुरा और गांव दियालपुर में विकसित की जा रही इन कॉलोनियों के संबंध में पापरा एक्ट-1995 के तहत नोटिस जारी किए गए थे तथा निर्माण एवं विकास कार्य बंद करवाए गए थे।
इसके बावजूद कॉलोनियों के मालिकों द्वारा कोई संतोषजनक स्पष्टीकरण देने के बजाय मौके पर विकास कार्य जारी रखे गए। इसे गंभीरता से लेते हुए उच्च अधिकारियों के निर्देशों के अनुसार 22 अक्टूबर, 2026 को दोनों अवैध कॉलोनियों के खिलाफ ध्वस्तीकरण की कार्रवाई अमल में लाई गई।

अधिकारियों ने बताया कि पापरा एक्ट-1995 में वर्ष 2024 के दौरान किए गए संशोधन के अनुसार अवैध कॉलोनी विकसित करने वालों के खिलाफ 5 से 10 वर्ष तक की कैद तथा 25 लाख रुपये से 5 करोड़ रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है। इन कॉलोनियों से संबंधित जमीन के मालिकों और कॉलोनियां विकसित करने वालों के खिलाफ कानून के अनुसार आवश्यक कार्रवाई करने के लिए राजस्व रिकॉर्ड के आधार पर पुलिस विभाग को भी लिखा जा रहा है।
अवैध कॉलोनियों में प्लॉट खरीदने से पहले मंजूरी की जांच करें: एडीए
एडीए के रेगुलेटरी विंग ने आम जनता से अपील की कि वे अपनी मेहनत की कमाई निवेश करने से पहले प्लॉट या जमीन की कानूनी स्थिति की पूरी जांच अवश्य करें। किसी भी कॉलोनी में प्लॉट खरीदने से पहले पुड्डा विभाग द्वारा जारी स्वीकृति की जांच करें और संबंधित कॉलोनी के अधिकृत होने की पुष्टि जरूर करें।
इसके अतिरिक्त, अमृतसर विकास प्राधिकरण की वेबसाइट पर उपलब्ध अवैध कॉलोनियों की सूची और संबंधित विवरण भी अवश्य देखें, ताकि लोगों को आर्थिक नुकसान और अनावश्यक परेशानी से बचाया जा सके।
अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि जिले में किसी भी स्थान पर नई कॉलोनी विकसित करने अथवा किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य शुरू करने से पहले पुड्डा विभाग और संबंधित सक्षम प्राधिकरण से आवश्यक मंजूरियां प्राप्त करना अनिवार्य है। लोगों से अपील की गई कि वे कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए ही जमीन की खरीद-फरोख्त और निर्माण कार्य करें।

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