कहा: अमेरिका और चीन ने उनकी कमजोरियां ढूंढ ली हैं और अब उनका फायदा उठा रहे हैं
मोदी किसानों के दुश्मन हैं: वड़िंग
कहा: मनरेगा की मूल व्यवस्था बहाल होने तक कांग्रेस संघर्ष जारी रखेगी

कल्याण केसरी न्यूज़, भोआ (पठानकोट), 5 फरवरी 2026: छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री और पंजाब मामलों के लिए एआईसीसी प्रभारी भूपेश बघेल ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश के लिए गंभीर रूप से खतरनाक साबित हो रहे हैं और वह देश के सबसे कमजोर तथा कायर प्रधानमंत्री साबित हुए हैं। उन्होंने कहा कि वह जितनी जल्दी पद छोड़ेंगे, देश के लिए उतना ही बेहतर होगा।
यहां ‘मनरेगा बचाओ संघर्ष’ के तहत आयोजित विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए, बघेल ने कहा कि मोदी अमेरिका और चीन के दबाव में आसानी से आ जाते हैं। उन्होंने दावा किया कि दोनों देशों ने मोदी की कुछ कमजोरियां खोज ली हैं, जिनका वे अब फायदा उठा रहे हैं।
इस क्रम में, मोदी को कायर प्रधानमंत्री बताते हुए, उन्होंने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप उन पर अपनी शर्तें लागू कर रहे हैं। हाल ही में हुए भारत-अमेरिका व्यापार समझौते का जिक्र करते हुए, उन्होंने कहा कि यह बिल्कुल भी बराबरी के आधार पर नहीं है। उन्होंने दावा किया कि जहां अमेरिका भारतीय सामान पर 18 प्रतिशत शुल्क लगाएगा, वहीं भारत ने अमेरिकी आयात पर ‘जीरो टैरिफ’ मंजूर कर लिया है। उन्होंने कहा कि यह कभी नहीं हुआ है कि किसी देश ने अमेरिका को ‘जीरो टैरिफ’ की सुविधा दी हो। उन्होंने यह भी कहा कि पाकिस्तान जैसा देश भी अमेरिका पर 11 प्रतिशत शुल्क लगाता है, जबकि मोदी ने पूरी तरह समर्पण कर दिया है।
मनरेगा में किए गए बदलावों का जिक्र करते हुए उन्होंने विश्वास जताया कि जैसे मोदी को तीन कृषि कानून वापस लेने के लिए मजबूर किया गया था, उसी तरह मनरेगा को भी उसके मूल स्वरूप में बहाल करना पड़ेगा।
इस मौके पर पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने कहा कि मोदी शुरू से ही मनरेगा के विरोधी रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी सरकार ने धीरे-धीरे इस कानून को कमजोर किया है, जो ग्रामीण गरीबों को साल में 100 दिन रोजगार की गारंटी देता है।
उन्होंने सरकार के इस दावे पर टिप्पणी करते हुए कि अब 125 दिनों का रोजगार दिया जाएगा, कहा कि जब 100 दिन का रोजगार ही नहीं दिया जा सका, तो 125 दिन कैसे दिए जाएंगे। उन्होंने बताया कि मोदी सरकार के दौरान औसतन साल में सिर्फ 48 दिन का रोजगार ही दिया गया। उन्होंने कहा कि लुधियाना में 1.21 लाख परिवारों ने काम के लिए पंजीकरण कराया, लेकिन केवल 12 परिवारों को ही 100 दिन का काम मिला।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार की भी आलोचना करते हुए, कहा कि इसने भी मनरेगा मजदूरों को निराश किया है, क्योंकि नए कानून से पहले ही काम उपलब्ध करवाना कम कर दिया गया था। उन्होंने कहा कि मनरेगा बहाल होने तक कांग्रेस संघर्ष जारी रखेगी।
इसी तरह लोगों से एकजुटता और भाईचारे की अपील करते हुए, उन्होंने भाजपा की विभाजनकारी नीतियों से सावधान रहने की चेतावनी दी। प्रधानमंत्री मोदी की हालिया डेरा बल्लां की यात्रा का जिक्र करते हुए, उन्होंने कहा कि भाजपा धर्म और जाति के नाम पर लोगों को बांटने की कोशिश कर रही है।
इस मौके पर पंजाब विधानसभा में विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने कहा कि मनरेगा कोई दान योजना नहीं, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों की जीवन रेखा और गरीबों का कानूनी अधिकार है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने कांग्रेस द्वारा गरीबों और आम लोगों को दिए गए हर अधिकार को खत्म कर दिया है।
उन्होंने आप सरकार पर निशाना साधते हुए, कहा कि उसने शासन को केवल प्रचार का माध्यम बना दिया है। उन्होंने कहा कि कागजों पर बड़े वादे किए जाते हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर लागू करने में कमजोरी और जवाबदेही शून्य है। उन्होंने कहा कि जहां ग्रामीण मजदूर रोजगार और समय पर भुगतान के लिए संघर्ष कर रहे हैं, वहीं सरकार विज्ञापनों और दिखावे में व्यस्त है। उन्होंने कहा कि पंजाब को काम, इज्जत और पारदर्शिता की जरूरत है, न कि खोखले नारे चाहिएं।
इस दौरान सभी वक्ताओं ने भोआ से पूर्व विधायक जोगिंदर पाल को कम समय में प्रभावशाली कार्यक्रम आयोजित करने के लिए बधाई दी।
इस अवसर पर एआईसीसी महासचिव, गुरदासपुर से सांसद और पूर्व उप मुख्यमंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा ने भी संबोधित किया।
जहां अन्य के अलावा, मैडम अरुणा चौधरी, जोगिंदर पाल, अमित विज, बरिंदरमीत सिंह पाहड़ा सहित कई अन्य नेता भी मौजूद रहे।
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