संयुक्त किसान मोर्चा, मजदूर, कर्मचारी, विद्यार्थी, नौजवान और महिला संगठनों की बैठक में लिए गए बड़े फैसले
12 फरवरी की हड़ताल होगी ऐतिहासिक, तैयारी के लिए जिलों की बैठकें 8 फरवरी को

कल्याण केसरी न्यूज़, चंडीगढ़, 5 फरवरी 2026: आज संयुक्त किसान मोर्चा पंजाब के आह्वान पर मजदूर, कर्मचारी, विद्यार्थी, नौजवान और महिला संगठनों के साथ एक संयुक्त बैठक किसान भवन, चंडीगढ़ में की गई। बैठक की अध्यक्षता जोगिंदर सिंह उगराहां, हरिंदर सिंह लाखोवाल, अंग्रेज़ सिंह भदौड़, डॉ. दर्शन पाल और बूटा सिंह बुर्ज गिल ने की।
बैठक में केंद्र और पंजाब सरकार की जन-विरोधी निजीकरण और पंचायतकरण की नीतियों पर चर्चा की गई, जिनमें बिजली संशोधन बिल, बीज बिल, मुक्त व्यापार समझौता, चार श्रम संहिताएं, मनरेगा की जगह लाया गया मजदूर-विरोधी जी राम जी कानून, तथा पंजाब सरकार द्वारा सरकारी संस्थानों की जमीनें बेचने जैसे मुद्दे शामिल थे।
बैठक ने सर्वसम्मति से फैसला किया कि यदि बिजली संशोधन बिल संसद में पेश किया गया तो अगले दिन काला दिवस मनाया जाएगा। यदि पहले बीज बिल पेश किया गया तो संयुक्त किसान मोर्चा अन्य संगठनों के सहयोग से काला दिवस मनाएगा, जिसके तहत सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक पूरे पंजाब में टोल प्लाजा फ्री किए जाएंगे। जिन जिलों में टोल प्लाजा नहीं होंगे, वहां केंद्र सरकार के किसी संस्थान के सामने धरना दिया जाएगा।
यदि बिजली संशोधन बिल पेश किया गया, तो भी संयुक्त किसान मोर्चा और सभी संगठनों द्वारा इसी तरह काला दिवस मनाया जाएगा।
बिजली संशोधन बिल या बीज बिल का विरोध केवल एक दिन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि आगे भी लगातार जारी रहेगा। इसके लिए काला दिवस के अगले ही दिन आपात बैठक बुलाकर आगे के संघर्ष की घोषणा की जाएगी।
संगठनों ने भारत सरकार से मांग की कि अमेरिका के साथ हुए मुक्त व्यापार समझौते को सार्वजनिक किया जाए, बिजली संशोधन बिल-2025 को रद्द कर बिजली क्षेत्र में निजी कंपनियों के प्रवेश पर रोक लगाई जाए, बीज बिल-2025 और नए श्रम कोड रद्द किए जाएं, मनरेगा की जगह लाया गया जी राम जी कानून वापस लिया जाए, पंजाब में सरकारी संपत्तियां बेचने के फैसले रद्द किए जाएं, सार्वजनिक संस्थानों के निजीकरण, पंचायतकरण और कॉर्पोरेटकरण की नीति रद्द कर स्थायी भर्ती नीति लागू की जाए तथा भारत-अमेरिका मुक्त व्यापार समझौते को रद्द किया जाए।
संगठनों ने ऐलान किया कि यदि खेती, पोल्ट्री और डेयरी क्षेत्र में कोई समझौता किया गया तो संयुक्त किसान मोर्चा तथा किसान-मजदूर-कर्मचारी संगठन चुप नहीं बैठेंगे। संयुक्त किसान मोर्चा पहले ही 11 फरवरी तक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पुतले फूंकने का आह्वान कर चुका है। यह अभियान गांव स्तर तक जारी रहेगा।
12 फरवरी को केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के आह्वान पर होने वाली हड़ताल को सभी संगठनों ने पूरा समर्थन देने का फैसला किया। इस संबंध में सभी जिलों में 8 फरवरी को संयुक्त बैठकें बुलाई गई हैं, जिनमें 12 फरवरी के कार्यक्रमों की जिला-स्तरीय ठोस योजना बनाई जाएगी।
बैठक में सर्वसम्मति से यह विचार बना कि केंद्र सरकार की जन-विरोधी नीतियों से पंजाब सरकार भी पूरी तरह सहमत है। पंजाब सरकार ने आज तक बिजली संशोधन बिल के खिलाफ बयान तक नहीं दिया है, बल्कि सार्वजनिक संस्थानों की संपत्तियां बेचने, मजदूर-कर्मचारियों के संघर्षों की अनदेखी करने और संघर्षरत लोगों पर दमन करने का रास्ता अपनाया हुआ है।
इसी कारण सभी जिलों में 22 फरवरी को आम आदमी पार्टी और भारतीय जनता पार्टी के नेताओं के घरों के सामने सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक धरने दिए जाएंगे। धरना स्थलों का फैसला जिला-स्तरीय संयुक्त बैठकों में किया जाएगा।
बैठक में अध्यक्ष मंडल के अलावा बलवीर सिंह राजेवाल, रमिंदर सिंह पटियाला, रुलदू सिंह मानसा, बलदेव सिंह निहालगढ़, हरभजन सिंह बुट्टर, डॉ. सतनाम सिंह अजनाला, हरविंदर सिंह बल्लो, बूटा सिंह शादीपुर, बलविंदर सिंह राजू औलख, गुरदर्शन सिंह खासपुर, राजिंदर कुमार, जसविंदर सिंह, बलिहार सिंह, गुलजार सिंह गोरिया, लछमन सिंह सेवेवाला, हरजिंदर सिंह, हरदीप सिंह टोडरपुर, धर्मवीर हरिगढ़, कश्मीर सिंह घुग्घशोर, अवतार सिंह तारी, रेशम सिंह खेमुआणा, निर्मल कुमार नाभा, गोबिंद सिंह छाजली, सुखविंदर सिंह दुम्मणा, प्रकाश सिंह पाशा, सुरिंदर सिंह लाहौरिया, रणजीत सिंह ढिल्लों, डॉ. धन्ना मल गोयल, हरप्रीत सिंह फरीदकोट, सेवा सिंह, सतपाल सिंह बनूड़, इंजीनियर देविंदर सिंह, जगरूप सिंह लहिरा, गुरविंदर सिंह, हाकम सिंह धनैठा, रमंदीप सिंह, जगपाल सिंह ऊधा, रणजीत सिंह खड़ोला, पवनदीप सिंह, पुष्पिंदर, नमिता, सतनाम सिंह, वीना जम्मू, जोरावर सिंह, लख्खा सिंह, गुरबख्श सिंह, गुरनाम सिंह भीखी, प्रदीप मुसाहिब, जगतार सिंह काला झाड़ और इंद्रपाल सिंह सहित अनेक मजदूर-कर्मचारी नेता उपस्थित थे।
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