कल्याण केसरी न्यूज़, अमृतसर, 9 अप्रैल 2026: भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता व उत्तरी विधानसभा के प्रभारी सुखमिंदर सिंह पिंटू ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा महिला आरक्षण विधेयक पर चर्चा करते हुए कहा कि संसद का यह निर्णय महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी को नई शक्ति देगा और लोकसभा और विधानसभाओं में उनका उचित स्थान सुनिश्चित करेगा। यह देश के लोकतंत्र को मजबूत करने में मील का पत्थर साबित होगा। आज देश की राष्ट्रपति श्रीमति द्रोपदी मुर्मू, केंद्रीय वित्तमंत्री श्रीमति सीता रमन आदि इसका स्पष्ट उदाहरण है।
सुखमिंदर सिंह पिंटू ने कहा कि यह भारत के विकास यात्रा में हमारा भारत एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक क्षण की ओर आगे बढ़ रहा है। आने वाले दिनों में हम अपने लोकतंत्र को और मजबूत करने वाली एक बड़ी पहल के साक्षी बनने वाले हैं। यह ऐसा अवसर है, जब समानता, समावेशन और जनभागीदारी के प्रति हमारी राष्ट्रीय प्रतिबद्धता एक नए रूप में सामने आएगी। यह ऐसा समय है, जब हमारे देश की संसद को एक महत्वपूर्ण दायित्व निभाना है। उसे ऐसा कदम आगे बढ़ाना है, जो हमारे लोकतंत्र को अधिक व्यापक एवं और अधिक प्रतिनिधिक बनाए। संसद का यह निर्णय महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी को नई शक्ति देगा और लोकसभा और विधानसभाओं में उनका उचित स्थान सुनिश्चित करेगा।
यह क्षण इसलिए भी विशेष है, क्योंकि यह ऐसे समय में आ रहा है जब देश का वातावरण उत्सव, नवीनता और सकारात्मकता से भरा हुआ है। यह फैसला भारतवर्ष की करोड़ों महिलाओं की आकांक्षाओं को पूरा करने में सहायक होगा।
पिंटू ने कहा कि भारत की लगभग आधी जनसंख्या हमारी नारी शक्ति की है, जो हमारे समाज का प्रतिनिधित्व करती है। यह नारी शक्ति हमारे राष्ट्र निर्माण में अपना अमूल्य योगदान देती है। आज देश के हर सेक्टर में नारी शक्ति मिसाल बन रही है। साइंस एंड टेक्नॉलजी से लेकर एंटरप्रेन्योरशिप तक, खेल के मैदान से लेकर सशस्त्र बलों तक और संगीत से लेकर कला के क्षेत्र में महिलाएं अपनी सशक्त पहचान बना रही हैं। हमारी माताएं-बहनें और बेटियां देश की प्रगति में अग्रणी भूमिका निभा रही हैं। हमारे पारंपरिक मूल्य बताते हैं कि कोई भी समाज तभी प्रगति करता है, जब माताओं-बहनों को आगे बढ़ने के ज्यादा से ज्यादा मौके मिलते हैं। इसी सोच के साथ प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में बीजेपी ने महिला सशक्तिकरण के लिए एक अनुकूल माहौल तैयार करने पर जोर दिया है, इसके लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। शिक्षा तक बढ़ती पहुंच, बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं, वित्तीय समावेशन में बढ़ोतरी और बुनियादी सुविधाओं तक बेहतर पहुंच ने आर्थिक और सामाजिक जीवन में महिलाओं की भागीदारी को मजबूती दी है।

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