अगर विरोधी पार्टियां गलती से सत्ता में आ जाती हैं तो वे मुफ्त बिजली, महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा और हजार रुपये की सम्मान राशि बंद कर देंगी: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान

कल्याण केसरी न्यूज़, अजनाला, 21 सितंबर 2026: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज चेतावनी दी कि पारंपरिक विरोधी पार्टियों की सत्ता में वापसी से पंजाब की कल्याणकारी योजनाएं, सरकारी संस्थाएं और पानी के अधिकार खतरे में पड़ जाएंगे क्योंकि उनकी प्राथमिकताएं पहले ही लोगों के सामने उजागर हो चुकी हैं। अजनाला हलके के गांव सैंसरा में विशाल ‘लोक मिलनी’ के दौरान मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि विरोधी धड़ा मुफ्त बिजली, महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा और हजार रुपये की सम्मान राशि बंद कर देगा, जबकि निजी संस्थानों को बढ़ावा देने के लिए मोहल्ला क्लीनिकों और सरकारी स्कूलों को कमजोर किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने संकेत दिया कि भाजपा पंजाब के हिस्से का पानी हरियाणा और राजस्थान को दे देगी और चंडीगढ़ तथा पंजाब यूनिवर्सिटी को भी पंजाब से अलग करने की कोशिश करेगी, जबकि अकाली दल अपनी रैलियों में दिहाड़ी मजदूरों को लाने तक सीमित रह गया है। अपनी सरकार के रिकॉर्ड से इसकी तुलना करते हुए उन्होंने 90 प्रतिशत घरों के लिए जीरो बिजली बिल, गोइंदवाल साहिब निजी थर्मल पावर प्लांट की खरीद, नहरी पानी का उपयोग 22 प्रतिशत से बढ़ाकर 88 प्रतिशत करने, 14,000 किलोमीटर पाइपलाइनों और सरकारी स्कूलों में बड़े सुधारों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि सरकार का एकमात्र मकसद हर परिवार तक सुविधाएं पहुंचाना और खुशहाल ‘रंगला पंजाब’ बनाना है।
एक्स पर पोस्ट करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने लिखा, “आज अजनाला विधानसभा हलके के गांव सैंसरा में ‘लोक मिलनी’ के दौरान माझे के मेहनती लोगों से मुलाकात की और विचार-विमर्श किया। इतनी बड़ी संख्या में पहुंचकर हमें बेशुमार प्यार और सम्मान देने के लिए मैं सभी का तहे दिल से धन्यवाद करता हूं। गांव की तीन पंचायतों को विकास कार्यों के लिए 20-20 लाख रुपये के हिसाब से 60 लाख रुपये के चेक सौंपे गए। हमारी सरकार ने 90 प्रतिशत घरों के बिजली बिल जीरो कर दिए हैं, गोइंदवाल साहिब में निजी थर्मल पावर प्लांट खरीदा है और नहरी पानी का उपयोग 22 प्रतिशत से बढ़ाकर 88 प्रतिशत कर दिया है।”


पोस्ट के अंत में उन्होंने लिखा, “पूरे पंजाब में 14,000 किलोमीटर पाइपलाइनें बिछाई गई हैं। सरकारी स्कूलों का सुधार करके पंजाब को देश भर में शिक्षा के क्षेत्र में पहले नंबर पर लाया गया है। लोगों को लूटने वाली पारंपरिक पार्टियों का हाल आज सबके सामने है। हमारी सरकार का एकमात्र उद्देश्य पंजाब के लोगों को सुविधाएं देना और एक बार फिर ‘रंगला पंजाब’ सृजित करना है। इंकलाब जिंदाबाद।”
लोक मिलनी के दौरान जनसमूह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “15 सितंबर को छह राज्यों—हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान और दिल्ली ने किशाऊ प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाने के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर किए, लेकिन पंजाब को इसमें शामिल नहीं किया गया। दिल्ली, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान और अन्य राज्यों के बीच समझौते हो रहे हैं, लेकिन पंजाब को निमंत्रण तक नहीं दिया जाता। जब सवाल इस क्षेत्र के पानी के संसाधनों का है तो पंजाब के साथ बेगानों जैसा व्यवहार क्यों किया जा रहा है?”
मुख्यमंत्री ने कहा, “भाजपा पंजाब को चर्चा से बाहर रखकर पानियों के बंटवारे का फैसला करना चाहती है। पंजाब के लोग इस सौतेले व्यवहार को बर्दाश्त नहीं करेंगे। पंजाब ने देश के लिए बहुत बड़ा योगदान दिया है। हमारे किसानों ने देश का पेट भरा है, हमारे जवानों ने सीमाओं की रक्षा की है और हमारे लोगों ने भारत की तरक्की में योगदान दिया है। जब पंजाब के हितों से जुड़े फैसले उसके बिना लिए जा रहे हों तो पंजाब से चुप रहने की उम्मीद नहीं की जा सकती।”
उन्होंने कहा, “हमारी सरकार पंजाब से जुड़े हर मुद्दे को दृढ़ता से उठाएगी और सूबे के हकों और हितों से कोई समझौता नहीं करेगी। पंजाब के प्रति हमारा उठाया हर कदम हमें लोगों की बेहतर सेवा करने के लिए बड़ा हौसला देता है।”
गर्मी के बावजूद बड़ी संख्या में पहुंचने के लिए लोगों का धन्यवाद करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “मैं लोगों द्वारा दिखाए जा रहे प्यार और सम्मान का आदर करता हूं। गर्मी के बावजूद लोग इतनी बड़ी संख्या में यहां आए हैं और हमारे साथ खड़े हैं। मैं माझे के लोगों, खासकर माताओं-बहनों का विशेष स्वागत करता हूं, जो अपनी रोजाना की जिम्मेदारियां छोड़कर इस कार्यक्रम में शामिल हुईं। माझे ने पंजाब के राजनीतिक और सामाजिक जीवन में हमेशा निर्णायक भूमिका निभाई है।”


मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “माझे में आना हमेशा खुशी की बात होती है क्योंकि इस क्षेत्र के लोगों में सरकारें बनाने और गिराने की ताकत है। हमारी सरकार की नीतियों का असर अब पूरे पंजाब में दिखाई दे रहा है।”
सरकार के कामों पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “हमारी सरकार ने हर महीने 300 यूनिट मुफ्त बिजली दी है, जिससे पूरे पंजाब के परिवारों को बड़ी राहत मिली है। हमने पानी के क्षेत्र में भी व्यापक काम किया है और उपलब्ध पानी के संसाधनों के उपयोग में काफी वृद्धि की है।”
उन्होंने कहा, “जब मैंने शपथ ली थी तो सिंचाई के लिए सिर्फ 22 प्रतिशत नहरी पानी का उपयोग हो रहा था। चार सालों में हमारी सरकार ने इस उपयोग को लगभग 88 प्रतिशत तक पहुंचा दिया है। यह पहले से चार गुना अधिक है।”
उन्होंने कहा, “हमारी सरकार ने पूरे पंजाब में लगभग 14,000 किलोमीटर पानी की पाइपलाइनें बिछाई हैं। इस काम का विस्तार पंजाब से कनाडा के वैंकूवर के बीच की दूरी के बराबर है। ये जनहितैषी कार्य हैं। हम कुछ शक्तिशाली परिवारों के लिए काम नहीं कर रहे हैं। हम हर गांव, हर किसान और हर घर के लिए काम कर रहे हैं।”
बादल परिवार और अकाली दल पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पंजाब के लोगों ने उनका राजनीतिक पतन देखा है। पिछली सरकारें पंजाब के व्यापक हितों के लिए काम करने में विफल रही हैं और राजनीतिक ताकत का इस्तेमाल निजी और पारिवारिक हितों के लिए किया गया।”
उन्होंने कहा, “लगभग हर कारोबार में उनका हिस्सा था, लेकिन पंजाब में मेरा केवल एक ही हिस्सा है-मेरे लोगों के सुख-दुख में हिस्सा।”
समर्थकों द्वारा भेंट की गई फूलों वाली पगड़ी का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “लोगों का प्यार अनमोल है। इस प्यार की कोई कीमत नहीं है और इसे किसी मुद्रा में नहीं मापा जा सकता। यह अनमोल है।”
श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी की घटनाओं का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “जो लोग जनता द्वारा उठाए गए सवालों का जवाब देने में विफल रहे, वे अब राजनीतिक गठबंधन तलाश रहे हैं। विपक्षी पार्टियां आंतरिक रूप से विभाजित हैं और जनता के सामने एक स्पष्ट विकल्प पेश करने में असमर्थ हैं।”
कांग्रेस पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, “कांग्रेस में हर कोई मुख्यमंत्री बनना चाहता है, लेकिन पहले उन्हें यह गिनना चाहिए कि उनके पास कितनी सीटें हैं।”
उन्होंने यह भी कहा, “अकाली दल का राजनीतिक कार्यक्रम मुख्य रूप से कुछ लोगों तक सीमित होकर रह गया है। पंजाब के लोग देख चुके हैं कि उनकी राजनीति उन्हें कहां ले गई है।”
‘मावां -धीयां सत्कार योजना’ पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “महिलाओं को दी जा रही वित्तीय सहायता का इस्तेमाल घरेलू खर्चों, स्कूल फीस और अन्य जरूरी जरूरतों के लिए किया जा रहा है। सहायता प्राप्त करने वाले लोग इसका उपयोग अपने परिवारों की जरूरतों के लिए कर रहे हैं। इसलिए, कल्याणकारी खर्चों की आलोचना को उचित नहीं ठहराया जा सकता।”
मुख्यमंत्री ने कहा, “पिछली सरकारों ने कभी भी सार्वजनिक संसाधनों का इस्तेमाल इस तरह के प्रत्यक्ष जनकल्याण के लिए नहीं किया। हमारी सरकार ने सत्ता में बैठे लोगों के खिलाफ बोलने पर झूठी एफआईआर दर्ज करने की प्रथा को भी बंद कर दिया है।”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “विपक्ष का कहना है कि अगर वे सत्ता में वापस आते हैं तो इन योजनाओं को बंद कर देंगे। लोग पहले से ही जानते हैं कि उनकी प्राथमिकताएं क्या थीं। हमारी सरकार लोगों और पंजाब की खुशहाली के लिए काम कर रही है।”
शिक्षा सुधारों पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “जब मैंने 2022 में शपथ ली थी, तब पंजाब शिक्षा के क्षेत्र में 27वें स्थान पर था। आज राज्य ने स्कूली शिक्षा के क्षेत्र में शानदार प्रगति की है।”
उन्होंने कहा, “फिनलैंड, सिंगापुर और आईआईएम जैसी संस्थाओं में आयोजित होने वाले शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रमों का उद्देश्य शिक्षकों को आधुनिक शिक्षण विधियों से परिचित कराना और शिक्षा के परिणामों में सुधार करना है।”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “हमने विद्यार्थियों को बेहतर बुनियादी ढांचा, पढ़ाई का माहौल और अवसर प्रदान करने के लिए ‘स्कूल्स ऑफ एमिनेंस’ की स्थापना की है। हमारे शिक्षकों को बेहतर तरीके से प्रशिक्षण दिया जा रहा है, ताकि हमारे बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके।”
उन्होंने कहा, “पंजाब के हर बच्चे की उन अवसरों तक पहुंच होनी चाहिए, जो पहले केवल अमीर वर्गों के लिए उपलब्ध थे। हमारी सरकार ने कल्याणकारी कार्यक्रमों को लागू करना, मुफ्त बिजली देना, स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे को मजबूत करना, स्कूलों में सुधार करना तथा पानी और ग्रामीण विकास में निवेश करना जारी रखा है।”
‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’ पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “पंजाब के लाखों परिवारों तक स्वास्थ्य सुरक्षा का विस्तार किया गया है। इस योजना के तहत लगभग 54 लाख परिवारों को स्वास्थ्य कार्ड मिल चुके हैं। हम यह सुनिश्चित करने के लिए काम कर रहे हैं कि परिवारों को चिकित्सा खर्चों के कारण कर्ज के बोझ तले न आना पड़े।”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “लोगों को सरकार का आकलन उन लाभों के आधार पर करना चाहिए, जो उन्हें अपने दैनिक जीवन में मिल रहे हैं। अंततः जनता ही हर पार्टी और हर नेता के राजनीतिक भविष्य का फैसला करेगी।”
मुख्यमंत्री ने कहा, “हमारी सरकार ने बिजली, स्वास्थ्य, शिक्षा, पानी, बुनियादी ढांचे और कल्याण पर ध्यान केंद्रित करके अपना काम पूरा किया है। हमारा एकमात्र उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि शासन के लाभ आम लोगों तक सीधे पहुंचें।”
कल्याणकारी योजनाओं के प्रति विपक्ष के रवैये को लेकर लोगों को चेतावनी देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “अगर गलती से कोई विपक्षी पार्टी सत्ता में आती है तो वह मुफ्त बिजली, महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा और एक हजार रुपये की मासिक सहायता बंद कर देगी।”
उन्होंने कहा, “वे मोहल्ला क्लीनिकों और सरकारी स्कूलों को तबाह कर देंगे तथा निजी स्कूलों को बढ़ावा देंगे। भाजपा चंडीगढ़ और पंजाब विश्वविद्यालय को भी पंजाब से अलग करना चाहती है।”
अकाली दल पर व्यंग्य करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “शिरोमणि अकाली दल अपनी रैलियों में दिहाड़ीदार मजदूरों को लाता है, लेकिन इस बार वह अपना खाता भी नहीं खोल पाएगा।”
मुख्यमंत्री ने कहा, “पंजाब ईमानदार राजनीति के साथ खड़ा है। पंजाब के लोग निजी और पारिवारिक हितों की राजनीति तथा हर गांव, हर किसान और हर घर के लिए काम करने वाली राजनीति के बीच का अंतर समझ चुके हैं।”

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