जीएसटी रिफंड में देरी पर औजला का सरकार पर हमला: बोले- 8-9 महीने से अटका व्यापारियों का पैसा, सरकार को नहीं देनी पड़ती कोई पेनल्टी

कल्याण केसरी न्यूज़, अमृतसर, 9 सितंबर 2026: पंजाब में उद्योग और व्यापार की बिगड़ती स्थिति को लेकर अमृतसर के सांसद गुरजीत सिंह औजला ने पंजाब सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की गलत नीतियों के कारण व्यापार महंगा हो गया है, ट्रांसपोर्टेशन की लागत बढ़ गई है और उद्योग भारी कर्ज के दबाव में हैं। वहीं व्यापारियों के करोड़ों रुपये के जीएसटी रिफंड 8-9 महीने से अटके हुए हैं। वहीं सांसद औजला ने मुखमंत्री की ओर से अभी ज्वाइन करवाए गए गुरप्रीत सेखों पर भी सवाल खड़े किए कि जब गैंगस्टर ही कानून बनाने वालों में बैठेंगे तो राज्य का क्या होगा।

व्यापारी परेशान, सरकार बैठी आंखें मूंद
सांसद औजला ने कहा कि इस समय व्यापारी परेशान है ओर सरकार आंखें मूंद कर बैठी है। उन्होंने कहा कि जब व्यापारी GST जमा करने में देरी करता है तो उस पर पेनल्टी लगती है, लेकिन सरकार व्यापारियों का पैसा महीनों तक रोककर रखती है तो उस पर कोई पेनल्टी नहीं है। उन्होंने कहा कि जीएसटी रिफंड व्यापारियों का वैध पैसा है और इसे समय पर जारी किया जाना चाहिए।
उन्होंने बताया कि उन्होंने इस संबंध में डीटीसी से भी बात की है। मई-जून के रिफंड अभी क्लियर किए जा रहे हैं, जबकि व्यापारियों के मुताबिक मार्च तक के रिफंड ही जारी हो पाए हैं। उन्होंने कहा कि जीएसटी रिफंड के लिए आवेदन करने के समय पोर्टल की तकनीकी दिक्कतें आती हैं और आवेदन के बाद अप्रूवल में भी काफी समय लग जाता है। इससे उद्योगों की वर्किंग कैपिटल बुरी तरह प्रभावित हो रही है।

‘सरकार पैसा वोट हथियाने में लगा रही’
सांसद औजला ने आरोप लगाया कि पंजाब सरकार सरकारी फंड का सही इस्तेमाल करने के बजाय राजनीतिक लाभ लेने में लगी हुई है। जो पैसा लोगों का है उसे इश्तहारों में खर्च किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जब पैसा बाजार में घूमेगा ही नहीं तो व्यापार कैसे चलेगा और उद्योग कैसे मुकाबला करेंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि व्यापारियों की समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो सड़कों पर आंदोलन किया जाएगा और इससे भी ज्यादा तीखा संघर्ष किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि पंजाब में आमदनी घट रही है और राज्य की आर्थिक स्थिति पर गंभीरता से सोचने की जरूरत है। उन्होंने कर्ज को लेकर भी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि आज पंजाब पर भारी कर्ज का बोझ है, लेकिन विकास के नाम पर जमीन पर अपेक्षित काम नजर नहीं आ रहा। उन्होंने कहा कि पहले जब से देश आबाद हुआ था जब से अब तक 2 लाख करोड़ का कर्ज था लेकिन सिर्फ आप की सरकार के पांच सालों में ही ढाई लाख करोड़ का अतिरिक्त हो गया है।

‘सरहदी इलाकों में व्यापारी पहले ही परेशान’
सांसद ने कहा कि पंजाब के सीमावर्ती इलाकों में व्यापारी पहले से ही कई परेशानियों से जूझ रहे हैं। व्यापारियों को महंगा माल, महंगा ट्रांसपोर्टेशन और बढ़ती लागत का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि परिवहन में भी समानता नहीं है, जिसके कारण पंजाब के उद्योग दूसरे राज्यों के उद्योगों से प्रतिस्पर्धा करने में कठिनाई महसूस कर रहे हैं।
औजला ने कहा कि उद्योगों को सस्ता और पर्याप्त कर्ज तथा वर्किंग कैपिटल की जरूरत है। सरकार को व्यापारियों का पैसा रोकने के बजाय बाजार में नकदी का प्रवाह बढ़ाना चाहिए।

कानून-व्यवस्था पर भी सरकार को घेरा
औजला ने पंजाब की कानून-व्यवस्था को लेकर भी सरकार पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि व्यापारियों और आम लोगों को गैंगस्टरों की धमकी भरी कॉलें मिल रही हैं। कानून के रखवालों पर दिन-दहाड़े दबाव बनाने की कोशिशें हो रही हैं। उन्होंने पुलिस से अपील की कि वह ऐसे लोगों के दबाव में न आए और कानून के अनुसार कार्रवाई करे।
उन्होंने तलबीर गिल की ओर से बीते दिन पुलिस पर बनाए हुए दवाब के बारे में कहा कि यदि कोई व्यक्ति गैरकानूनी तरीके से वीडियो बनाकर या किसी अन्य माध्यम से कानून अपने हाथ में लेने की कोशिश करता है तो यह बिल्कुल गलत है। उन्होंने राजनीतिक लोगों द्वारा धमकियों और दबाव की राजनीति पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि किसी का भी राज स्थायी नहीं होता और नेताओं को अपने आचरण का ध्यान रखना चाहिए।

‘गैंगस्टरवाद को राजनीतिक संरक्षण मिला तो पंजाब को नुकसान’
औजला ने बीते दिन मुख्यमंत्री भगवंत मान की ओर से करवाई गई ज्वाइनिंग पर बोलते हुए बोला कि पंजाब को उस दिशा में नहीं जाने देना चाहिए जहां गैंगस्टरवाद राजनीति पर हावी हो जाए। उन्होंने कहा कि यूपी , बिहार को ऐसी परिस्थितियों से बाहर निकलने में दशकों लग गए। अगर आज भी गलत लोगों को संरक्षण या राजनीतिक मुख्यधारा में जगह मिलती रही तो इसका सबसे बड़ा नुकसान पंजाब की आने वाली पीढ़ियों को होगा।
उन्होंने कहा, “हम अपने बच्चों को किस तरह का पंजाब देकर जाएंगे, इस पर आज सोचने की जरूरत है।”

विकास और भ्रष्टाचार पर भी सवाल
औजला ने कहा कि पंजाब के विकास के लिए घोषित और खर्च किए गए पैसों का जमीन पर असर दिखाई देना चाहिए। उन्होंने शहर में सड़कों, सीवरेज और अन्य बुनियादी सुविधाओं की स्थिति पर भी सवाल उठाए।
उन्होंने आरोप लगाया कि भ्रष्टाचार के कारण सरकारी योजनाओं का लाभ लोगों तक पूरी तरह नहीं पहुंच रहा। शहर में सीवरेज की समस्या, भूमिगत पानी के प्रदूषण और नकली जूस व कोल्ड ड्रिंक की बिक्री जैसे मुद्दों पर भी उन्होंने सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।
औजला ने कहा कि गुरु नगरी अमृतसर का वास्तविक विकास तभी संभव है जब सरकार राजनीतिक लाभ से ऊपर उठकर शहर और पंजाब के हित में काम करे। उन्होंने कहा कि पंजाब को आर्थिक संकट, बेरोजगारी, नशे और कानून-व्यवस्था की चुनौतियों से निकालने के लिए सरकार को अपनी गलतियों को स्वीकार कर ठोस कदम उठाने होंगे।

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